Summer express/शिमला,संजू-:कशॉउ बांध परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश के लिए आज का दिन अहम माना जा रहा है। दिल्ली में टोंस नदी पर प्रस्तावित कशॉउ बांध को लेकर छह राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन यानी एमओयू साइन किया जाना है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस सिलसिले में दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बैठक के बाद इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर एमओयू की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कशॉउ बांध परियोजना से जुड़े इस घटनाक्रम को हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस परियोजना को लेकर अब महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। चौहान के मुताबिक, परियोजना के तहत पड़ोसी राज्यों को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा, जबकि हिमाचल प्रदेश को 221 मेगावाट बिजली मुफ्त मिलने की बात तय हुई है।
नरेश चौहान ने कहा कि कशॉउ बांध को लेकर लंबे समय से कई स्तरों पर चर्चा चल रही थी और अब भारत सरकार के प्रयासों से इस दिशा में ठोस प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार ने भी लगातार प्रदेश के अधिकारों और हितों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा है।चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बातचीत के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग हो, लेकिन इसमें हिमाचल के अधिकारों और जनता के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने पिछली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले कशॉउ बांध परियोजना से मिलने वाली बिजली के भुगतान और हिमाचल के अधिकारों से जुड़े विषय लंबित रहे। उनके अनुसार, उस समय हिमाचल को मुफ्त बिजली का लाभ नहीं मिल रहा था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और केंद्र के समक्ष प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा।
नरेश चौहान ने दावा किया कि कशॉउ बांध परियोजना से हिमाचल प्रदेश को 221 मेगावाट मुफ्त बिजली मिलने के साथ करीब 600 करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल पानी और बिजली से जुड़ा समझौता नहीं है, बल्कि हिमाचल के दीर्घकालिक आर्थिक हितों से भी जुड़ी हुई है।उन्होंने कहा कि टोंस नदी पर बनने वाली कशॉउ बांध परियोजना से कई राज्यों को लाभ मिलेगा। वहीं, हिमाचल को मिलने वाली बिजली और संभावित राजस्व प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।नरेश चौहान ने कहा कि छह राज्यों के साथ होने वाला यह एमओयू हिमाचल के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश को आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा।चौहान ने इसे हिमाचल प्रदेश के इतिहास में महत्वपूर्ण दिन बताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हिमाचल के संसाधनों का इस्तेमाल प्रदेश और प्रदेशवासियों के हित में सुनिश्चित करना है।