Summer express/शिमला-: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में सत्ता और सरकारी संसाधनों से जुड़े मामलों को लेकर सामने आ रहे आरोप गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपने नेताओं और सरकारों से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही के वही मानदंड अपनाने चाहिए, जिनकी मांग वह विपक्षी दलों से करता है।
डॉ. बिंदल ने उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी सहयोगी एवं पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना से जुड़े मामले का हवाला देते हुए कहा कि भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके अनुसार, मामला वर्ष 2016 की UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। जांच में OMR शीटों से छेड़छाड़ और पैसे के लेन-देन जैसे आरोपों की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली युवाओं के भविष्य और सरकारी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है।उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भी कांग्रेस सरकार के मंत्री सतीश जारकीहोली, उनके परिवार और सहयोगियों से जुड़े कथित विदेशी निवेश एवं माइनिंग कारोबार की जांच को लेकर सवाल उठे हैं। बिंदल ने कहा कि जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई के तथ्यों को सामने आने दिया जाना चाहिए और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
हिमाचल में माइनिंग और सरकारी संसाधनों पर उठे सवालों का जवाब दे सरकार
डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान माइनिंग, ड्रेजिंग, स्टोन क्रशर और सरकारी ठेकों से जुड़े मामलों को लेकर भाजपा लगातार सवाल उठाती रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इन मामलों में दस्तावेज सार्वजनिक करने और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।उन्होंने ब्यास नदी में ड्रेजिंग के नाम पर माइनिंग से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए पूछा कि बेस वैल्यू की राशि सरकार के पास जमा हुई या नहीं, बैंक गारंटी की स्थिति क्या है और वन विभाग के माध्यम से माइनिंग करवाने का निर्णय किस प्रक्रिया के तहत लिया गया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट स्तर पर लिए गए निर्णयों की पूरी प्रक्रिया भी जनता के सामने स्पष्ट की जानी चाहिए।बिंदल ने जयसिंहपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन स्टोन क्रशर को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मंत्री की कथित व्यावसायिक हिस्सेदारी, संबंधित अनुमतियों, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और अन्य सरकारी रिकॉर्ड को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। यदि सभी कार्य नियमों के अनुसार हुए हैं तो सरकार को निष्पक्ष जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए।उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाना चाहिए। लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता के सामने स्पष्ट जवाब रखे।डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों, सरकारी धन और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने मांग की कि हिमाचल में जहां भी भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, नियमों की अनदेखी अथवा सत्ता के दुरुपयोग के प्रथमदृष्टया ठोस तथ्य सामने आते हैं, वहां समयबद्ध और निष्पक्ष जांच करवाई जाए।उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और प्रदेश के संसाधनों से जुड़े प्रत्येक निर्णय में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।