आयुर्वेद दिवस पर शिमला में सजी प्रदर्शनी
शिमला,संजू-: राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राजधानी शिमला में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गेयटी थिएटर में तीन दिवसीय प्रदर्शनी की शुरुआत हिमाचल प्रदेश के आयुष मंत्री यादविंदर गोमा ने की। प्रदर्शनी में आयुर्वेद से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों, उपचार पद्धतियों और उत्पादों की जानकारी लोगों को दी जा रही है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के भी शामिल होने का कार्यक्रम था, लेकिन निजी कारणों के चलते वह समारोह में नहीं पहुंच सके। इस दौरान आयुष मंत्री यादविंदर गोमा ने कहा कि प्रदेश सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों में आयुर्वेद को लेकर जागरूकता बढ़ी है और बड़ी संख्या में लोग इसे अपनी जीवनशैली और उपचार का हिस्सा बना रहे हैं।गोमा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी आयुर्वेदिक उपचार लेते हैं और प्रदेशवासियों को आयुर्वेद को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आयुष मंत्री ने मुख्यमंत्री के नए कार्यालय को लेकर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का कार्यालय सरकार की संपत्ति है और यह राज्य की संपत्ति है। कोई भी मुख्यमंत्री सरकारी कार्यालय को अपने साथ घर नहीं ले जा सकता।भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के बयान पर पलटवार करते हुए गोमा ने कहा कि सुधीर शर्मा को अपनी पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय पर जितना भी खर्च हुआ हो, वह सुधीर शर्मा के घर से खर्च होने वाली रकम से कम ही होगा.गौरतलब है कि यादविंदर गोमा और सुधीर शर्मा के बीच पहले करीबी राजनीतिक और निजी संबंध रहे हैं। सुधीर शर्मा के कांग्रेस में रहने के दौरान दोनों नेताओं के बीच नजदीकियां भी रही थीं। हालांकि राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद अब दोनों नेता एक-दूसरे पर लगातार निशाना साधते नजर आ रहे हैं। दोनों के बीच जारी बयानबाजी हिमाचल की सियासत में चर्चा का विषय बनी हुई है।