Summer express/शिमला/संजू -:शिमला जिला परिषद की पहली बैठक में गुरुवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और बागवानी से जुड़े मामलों को लेकर संबंधित विभागों से जवाब मांगे। चौपाल क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने सैंज से देहा-फेडजपुल सड़क को अंतरिम रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग उठाई। इस प्रस्ताव को जिला परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया। वहीं, कसुम्पटी और कोटगढ़ क्षेत्र के सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को बैठक में रखा।
अतुल शर्मा, जिला परिषद सदस्य
चौपाल के गोरली मड़ाव वार्ड से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने कहा कि सैंज से देहा-फेडजपुल सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग के तौर पर विकसित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में इस सड़क को प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल किया गया था। इसके बाद डीपीआर, एलाइनमेंट और फिजिबिलिटी से जुड़े कार्य भी किए गए, लेकिन अभी तक इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा नहीं मिल पाया है। अब जिला परिषद ने प्रस्ताव पारित कर इस मांग को मुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।अतुल शर्मा ने चौपाल क्षेत्र में जलापूर्ति योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि आईपीएच विभाग के तहत दर्जनों उठाऊ पेयजल परियोजनाएं हैं, लेकिन इनके कार्य की स्थिति को लेकर बैठक में अपेक्षित जवाब नहीं मिल पाया। उन्होंने सराह-पुलवाल सड़क पर क्रैश बैरियर, पैराफिट और पक्की नालियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार डीपीआर में इन कार्यों का प्रावधान होने के बावजूद मौके पर व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं। धबास्त से सराह सड़क, जिसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बजट मिला है, वहां भी सुरक्षा उपायों और ड्रेनेज को लेकर सवाल उठाए गए।परिवहन व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। अतुल शर्मा ने कहा कि चौपाल क्षेत्र में कई बस रूट बंद हो चुके हैं। उनके अनुसार वर्ष 2022 में क्षेत्र में 71 बस रूट और 53 बसें थीं, जबकि वर्तमान में 43 बस रूट और 39 बसें रह गई हैं। उन्होंने बंद रूटों को बहाल करने की मांग उठाई।
खुश विक्रम सेन, जिला परिषद सदस्य
कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन ने सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई सड़कों पर इतने गड्ढे हैं कि वाहन चालकों और बस यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों के कारण निजी वाहनों को नुकसान होने के साथ-साथ बस यात्रियों और सड़क के माध्यम से परिवहन होने वाली सब्जियों व अन्य सामान पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने सड़क व्यवस्था को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए संबंधित विभाग से स्थिति सुधारने को लेकर जवाब मांगा।
संदीप, जिला परिषद सदस्य
वहीं, कोटगढ़ से जिला परिषद सदस्य संदीप ने भी अपने क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दे बैठक में उठाए। उन्होंने कोटगढ़ अस्पताल से संबंधित व्यवस्थाओं पर सवाल किए। इसके अलावा एसजेवीएन के लुहरी प्रोजेक्ट, एचआरटीसी बस सेवाओं और कुरपन खड्ड से जुड़े मामलों को भी जिला परिषद की बैठक में प्रमुखता से रखा गया। सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं पर विभागों से स्पष्ट जवाब और समयबद्ध समाधान जरूरी है।जिला परिषद की पहली बैठक में सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों से साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, परिवहन, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी भी प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई हैं। बैठक में पारित प्रस्तावों और उठाए गए सवालों पर अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।