Sहमीरपुर, अरविंद-:उत्तर भारत के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं शुरू की जा रही हैं। मंदिर ट्रस्ट ने इसके लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिस पर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू हो गया है। नई व्यवस्था के तहत दान से लेकर कमरों की बुकिंग और ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने की तैयारी है।मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से नकद राशि के अलावा अन्य किसी भी रूप में दिए जाने वाले दान का पूरा रिकॉर्ड अब ऑनलाइन इन्वेंटरी सिस्टम में दर्ज किया जाएगा। दान में प्राप्त प्रत्येक वस्तु की जानकारी सिस्टम में दर्ज होगी। इसके साथ ही दान देने वाले श्रद्धालु का मोबाइल नंबर भी रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे मंदिर को प्राप्त होने वाली दान सामग्री का पूरा हिसाब रखा जा सकेगा और उसकी निगरानी भी आसान होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में उपलब्ध कमरों और बड़े सराय हाल की बुकिंग भी ऑनलाइन की जाएगी। श्रद्धालु घर बैठे मंदिर की वेबसाइट के माध्यम से कमरे या सराय की बुकिंग कर सकेंगे और भुगतान भी ऑनलाइन किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत बुकिंग के लिए नकद भुगतान को समाप्त करने की योजना है। जिन श्रद्धालुओं के पास ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा नहीं होगी, वे मंदिर परिसर में ट्रस्ट के आईटी कर्मचारियों की मदद से बुकिंग करवा सकेंगे।मंदिर में चढ़ावे के नकद पैसे की गिनती के लिए भी नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत डबल काउंटिंग सिस्टम अपनाया जाएगा। एक कर्मचारी नकद राशि को एकत्र करेगा, जबकि दूसरा कर्मचारी उसकी गिनती करेगा। नकदी संभालने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष यूनिफॉर्म तैयार की जाएगी, जिसमें कोई जेब नहीं होगी। इसका उद्देश्य नकदी की सुरक्षा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।
मंदिर परिसर में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 60 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे मंदिर परिसर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी बढ़ाई जा सकेगी।इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ने की भी तैयारी है।
वर्तमान में ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं उपायुक्त हमीरपुर कार्यालय से जुड़े कई कार्यों के लिए कर्मचारियों को दियोटसिद्ध से करीब 45 किलोमीटर दूर हमीरपुर आना-जाना पड़ता है। ई-ऑफिस लागू होने के बाद कई प्रशासनिक कार्य ऑनलाइन निपटाए जा सकेंगे। इससे समय के साथ वाहनों और आने-जाने पर होने वाले खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं उपायुक्त हमीरपुर गंधर्व राठौर ने बताया कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने और मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कई नई पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में दिए जाने वाले बकरों की नीलामी प्रक्रिया को भी और बेहतर बनाने के लिए व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं।