summer express,पलवल (सुन्दर कुंडू): हरियाणा के पलवल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शिकायतकर्ता के मकान के खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले 50 हजार रुपये मांगने का आरोप है। ACB के अनुसार, आरोपी सोमवार को 25 हजार रुपये पहले ही ले चुका था, जबकि बाकी रकम लेने के लिए मंगलवार को शिकायतकर्ता को बुलाया गया था। जैसे ही उसने 25 हजार रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
ACB चौकी प्रभारी राजकुमार के मुताबिक, शिकायतकर्ता का मकान पलवल नगर परिषद की सीमा में है। बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने मकान की आगे की दीवार को प्लॉट की निर्धारित सीमा से बाहर बताते हुए अतिक्रमण बताया था। उसने मकान गिराने की कार्रवाई की बात कही और इसे रोकने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जांच कर ट्रैप की योजना बनाई। इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। शिकायतकर्ता को आरोपी के बताए स्थान पर नेशनल हाईवे-19 स्थित लघु सचिवालय के पास कुशलीपुर गांव के नजदीक बुलाया गया। शिकायतकर्ता के पहुंचने से पहले ही ACB की टीम मौके पर तैनात थी। आरोपी द्वारा 25 हजार रुपये लेते ही टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पशुपालन विभाग के डॉ. महेंद्र सिंह स्वतंत्र गवाह के तौर पर मौजूद रहे।
ACB के मुताबिक, चिम्मन लाल तेवतिया इससे पहले भी रिश्वत के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। करीब तीन साल पहले पलवल बस स्टैंड के पास एक शोरूम के निर्माण के दौरान कार्रवाई नहीं करने के बदले उससे 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। 8 मार्च 2022 को ACB ने उसे पांच लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में वह करीब नौ महीने जेल में रहा था।
पुराने मामले में शिकायतकर्ता दलिप बिंदल के अनुसार, शोरूम का नक्शा जमा कराया गया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली थी। आरोप है कि निर्माण को गिराने की कार्रवाई नहीं करने के बदले बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने 10 लाख रुपये की मांग की थी। गिरफ्तारी के बाद करीब नौ महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आने के कुछ दिन बाद तेवतिया दोबारा ड्यूटी पर लौट आया था। पुराने मामले में फिलहाल गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
ACB अधिकारियों ने बताया कि नए रिश्वत मामले में आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।