summer express, मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स 329.31 अंक यानी 0.45 प्रतिशत चढ़कर 72,801.64 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 में 113.30 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 22,633.75 पर खुला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों को राहत मिली, हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 72,771.32 पर खुला, जो शुक्रवार के 72,472.33 के बंद स्तर से 298.99 अंक अधिक था। इसी तरह निफ्टी 50 ने 22,593.20 पर कारोबार शुरू किया, जबकि शुक्रवार को यह 22,520.45 पर बंद हुआ था। बाजार में तेजी के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.53 प्रतिशत गिरकर 103.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
मार्केट एनालिस्ट विपिन डिक्सिना के अनुसार, शुक्रवार को बाजार में आई रिकवरी के बाद भारतीय शेयर बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बाजार मौजूदा तेजी को बरकरार रख पाता है या नहीं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को निफ्टी में 1.30 प्रतिशत की बढ़त के बाद निवेशकों को आगे भी खरीदारी जारी रहने की उम्मीद है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये को स्थिर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से उठाए गए हालिया कदम बाजार को समर्थन दे रहे हैं।
हालांकि, डिक्सिना ने आगाह किया कि बाजार का व्यापक रुझान अभी भी कमजोर है। तेजी के एक कारोबारी सत्र को ट्रेंड में स्थायी बदलाव का संकेत नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा कि फिलहाल घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेतों पर वैश्विक परिस्थितियां भारी पड़ रही हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का उच्च स्तर बाजार की दिशा को प्रभावित करते रहेंगे। उन्होंने अनुमान जताया कि विदेशी संस्थागत निवेशक निकट भविष्य में बिकवाली जारी रख सकते हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक इस दबाव को कम करने में मदद करेंगे।
विजयकुमार के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद शेयरों का मूल्यांकन पहले की तुलना में अधिक उचित हो गया है और कई क्षेत्रों में निवेश के अवसर आकर्षक नजर आ रहे हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 7.1 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान और कंपनियों की बेहतर होती मुनाफा क्षमता भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में परिस्थितियां अनुकूल होने और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आने पर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।
तकनीकी रुझानों पर एक्सिस डायरेक्ट के वरिष्ठ रिसर्च एनालिस्ट हेमांग गोर ने कहा कि शुक्रवार को निफ्टी 22,520 पर बंद हुआ था। यह गुरुवार को बने 52 सप्ताह के निचले स्तर से करीब 289 अंक यानी 1.30 प्रतिशत ऊपर था। पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी आईटी इंडेक्स में लगभग 3 प्रतिशत और एफएमसीजी इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी।
गोर के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,580 का स्तर महत्वपूर्ण है। इसके नीचे रहने पर बाजार का रुझान कमजोर बना रह सकता है। ऊपर की ओर 22,800 और 22,900 के स्तर पर प्रतिरोध है, जबकि 22,300 पर तत्काल सपोर्ट मौजूद है। यदि निफ्टी इस स्तर से नीचे फिसलता है तो 22,150 तक गिरावट की आशंका बन सकती है।
क्षेत्रवार कारोबार में निफ्टी ऑटो 0.93 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.81 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.66 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.64 प्रतिशत चढ़ा। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 के प्रमुख शेयरों में बजाज ऑटो 1.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.26 प्रतिशत और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 1.24 प्रतिशत की तेजी आई। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और इंडिगो के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा के शेयर 2.15 प्रतिशत टूटे, जबकि आईटीसी में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई। एसबीआई, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल के शेयरों में भी 0.09 प्रतिशत की मामूली कमजोरी रही।
एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.87 प्रतिशत गिर गया, जबकि ताइवान वेटेड इंडेक्स में 0.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.43 प्रतिशत चढ़ा। जापान का निक्केई 225 स्पोर्ट्स डे के अवसर पर बंद रहा।