समर न्यूज | मानसा/चंडीगढ़
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बृहस्पतिवार को राज्यव्यापी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। किसान संगठनों, व्यापारी समूहों, कर्मचारी संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थन से सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक बंद का आह्वान किया गया।
कई शहरों में बाजार और दुकानें बंद रहीं, निजी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी की गई तथा कुछ मार्गों पर प्रदर्शनकारियों ने यातायात रोका। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की है।
वहीं, मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी ने सिटी-2 थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर बिएंत कौर को प्रशासनिक आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में प्राथमिकी के तहत दो और लोगों को नामजद किया है। बताया गया है कि वे मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के सहयोगी हैं और उनमें से एक उसका पारिवारिक सदस्य है। पुलिस इस मामले में पहले ही मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार सहित दो लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दे चुकी है। परविंदर के पिता भीम सिंह ने शव लेने से से इन्कार कर दिया है।
मामला हाईकोर्ट पहुंचा: हत्या का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है।
लुधियाना से जालंधर तक असर
लुधियाना, अमृतसर, मानसा, बठिंडा, जालंधर, पठानकोट और गुरदासपुर सहित कई जिलों में बाजारों पर बंद का असर रहा। लुधियाना में कोहाड़ा चौक के पास प्रदर्शन हुआ और लाडोवाल टोल प्लाजा पर टोल वसूली रोकी गई। बठिंडा-चंडीगढ़ मार्ग पर किसानों के प्रदर्शन से यातायात प्रभावित हुआ। जालंधर के परागपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी जाम लगाया गया, जिसे पुलिस ने खुलवाया। पटियाला क्षेत्र के टोल प्लाजा पर भी यात्रियों को बिना शुल्क गुजरने दिया गया। कई जगह बस सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को परेशानी हुई। कुछ निजी शिक्षण संस्थानों ने छुट्टी घोषित की, जबकि सरकारी स्कूलों में राज्यव्यापी छुट्टी घोषित नहीं की गई थी।
आपात सेवाओं को छूट: बंद के आयोजकों ने अस्पतालों, एंबुलेंस, दमकल सेवाओं और दवा दुकानों को बंद से बाहर रखने की अपील की थी। अमृतसर समेत कई क्षेत्रों में सुरक्षा बल तैनात किए गए, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। कुछ स्थानों पर बाजार बंद कराने व यातायात रोकने को लेकर तनाव की खबरें भी आईं, लेकिन स्थिति एक जैसी नहीं रही।
फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा को मंगलवार को मानसा में एक मेडिकल स्टोर के बाहर गोली मार दी गई थी। वह कथित तौर पर दुकान पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर दुकानदार अश्वनी कुमार से सवाल कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ा और गोली चलने से झोटा की मौत हो गई। परिवार ने मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही है।