Summer express, मोहाली। परविंदर हत्याकांड के बाद दवाइयों की बिक्री और खरीद के रिकॉर्ड को लेकर ड्रग विभाग सख्त नजर आ रहा है। मोहाली के फेज-11 स्थित एक केमिस्ट की दुकान पर दवाइयों की खरीद के दस्तावेज और दवा लिखने वाले डॉक्टर के विवरण से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया है। ड्रग विभाग ने इसे नियमों का कथित उल्लंघन मानते हुए दुकान के लाइसेंसधारक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सात दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर दुकान का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
जांच में रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उठे सवाल
मामला मोहाली-1 के ड्रग इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह सोढ़ी की जांच से संबंधित है। जांच रिपोर्ट में दवाइयों की खरीद के रिकॉर्ड और उन्हें लिखने वाले डॉक्टर के विवरण उपलब्ध नहीं होने पर आपत्ति दर्ज की गई है। नोटिस में हेड कांस्टेबल हरमिंदर सिंह का भी उल्लेख किया गया है।
विभाग के अनुसार, दुकान के रिकॉर्ड में दवा लिखने वाले डॉक्टर का विवरण दर्ज नहीं मिला। इसे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के नियम 65(3) और 65(6) का कथित उल्लंघन बताया गया है।
दो दवाइयों की खरीद के बिल पेश नहीं कर सके
नोटिस में प्रेगाबालिन कैप्सूल आईपी 75 मिलीग्राम और मिथाइलकोबालामिन 1500 माइक्रोग्राम की गोलियों की खरीद के दस्तावेज पेश नहीं करने पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रेगाबालिन के बैच नंबर C50010 का निर्माण जनवरी 2025 में हुआ था और इसकी एक्सपायरी दिसंबर 2026 दर्ज है। वहीं, मिथाइलकोबालामिन के बैच नंबर PRY241103 का निर्माण नवंबर 2024 में हुआ था और इसकी एक्सपायरी अक्टूबर 2026 दर्ज है।
ड्रग विभाग ने इन दवाइयों की खरीद का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने को नियम 65(4) और 65(6) का कथित उल्लंघन माना है। खरीद के दस्तावेजों से दवाइयों के स्रोत और उनकी आपूर्ति की श्रृंखला का पता लगाया जा सकता है।
जवाब नहीं दिया तो एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी
विभाग ने लाइसेंसधारक को सात दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल यह कारण बताओ नोटिस है और दुकान का लाइसेंस रद्द होने का अंतिम आदेश जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की कार्रवाई लाइसेंसधारक के जवाब और लाइसेंसिंग अथॉरिटी के फैसले पर निर्भर करेगी।
नोटिस में दर्ज आपत्तियां रिकॉर्ड की कमी से संबंधित हैं। अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि दुकान से दवाइयों की अवैध बिक्री हुई है।