Summer express, नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले छह से सात दिनों तक दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
मौसम विभाग के शनिवार सुबह जारी बुलेटिन के मुताबिक, 17 से 20 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में तथा 17 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 17 से 23 अक्टूबर, तटीय कर्नाटक में 17 से 19 अक्टूबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 से 23 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, लक्षद्वीप में 20 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज बारिश हो सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 17 और 18 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, 21 से 23 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। 17 से 22 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में व्यापक स्तर पर बारिश होने के आसार हैं।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 17 से 22 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की गति कुछ समय के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 17 और 18 अक्टूबर को भी ऐसे ही मौसम की स्थिति बन सकती है। वहीं, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी गति कभी-कभी 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इन मौसमी गतिविधियों के पीछे वायुमंडल में सक्रिय कई मौसमी प्रणालियां हैं। उत्तरी तमिलनाडु और उससे सटे दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके अलावा, उत्तरी लक्षद्वीप के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। उत्तरी केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु से होते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर एक ट्रफ भी फैला हुआ है। इन प्रणालियों के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और खराब मौसम बने रहने की संभावना है।