{जन विश्वास अभियान के तहत मौके पर सुलझेंगी शिकायतें, लंबित मामलों और सरकारी योजनाओं की प्रगति पर नजर
एजेंसी | भोपाल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे दफ्तरों में बैठने के बजाय फील्ड में जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बिना पूर्व सूचना दिए किसी भी जिले में पहुंचकर ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ की समीक्षा करेंगे।
लापरवाही और शिकायतों के निपटारे में देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों, संभागीय आयुक्तों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने उन विभागों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए, जहां मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित हैं। इनमें राजस्व, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा स्वास्थ्य से जुड़े विभाग शामिल हैं।
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी अभियान को गंभीरता से लागू करने की जरूरत बताई। उन्होंने कलेक्टरों से फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करने और कामकाज में तत्काल सुधार लाने को कहा। मुख्यमंत्री का जोर शिकायतों को केवल दर्ज करने के बजाय उनका समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने पर है।
बैठक में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना की भी समीक्षा हुई। इसके तहत पात्र लोगों को भूखंडों की नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, 49.48 लाख से अधिक रजिस्ट्रियों के लक्ष्य के मुकाबले 21 अक्टूबर तक करीब 1.60 लाख रजिस्ट्रियां पूरी हुई थीं। कम प्रगति वाले क्षेत्रों में काम तेज करने के निर्देश दिए गए।
कम बारिश वाले जिलों की चिंता: प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य से कम बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने खेती, पेयजल और सिंचाई के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। इन जिलों में स्थानीय जरूरतों के मुताबिक व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने दीपावली से पहले बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की जरूरी मरम्मत पूरी करने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा संबंधी कमियां दूर करने के निर्देश भी दिए। जिला प्रशासन को अधूरे निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।