गुरशरण सिंह | मोहाली
समर न्यूज
धन-धन अमर शहीद जत्थेदार बाबा हनुमान सिंह जी के शहीदी स्थल गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाणा में दसवीं का पावन दिवस बड़ी श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर गुरु घर की खुशियां प्राप्त कीं। धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे श्री सहज पाठ साहिब के भोग के साथ हुई।
समागम के दौरान भाई अमरजीत सिंह रुपालों वालों के अंतरराष्ट्रीय ढाडी जत्थे ने धन-धन अमर शहीद जत्थेदार बाबा बंदा सिंह बहादुर द्वारा वर्ष 1710 में सिख राज की स्थापना और 18वीं शताब्दी में अत्याचार एवं जुल्म के खिलाफ सिख योद्धाओं द्वारा दी गई अद्वितीय शहादतों का इतिहास संगत के सामने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई करनैल सिंह ने अपने मधुर गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। वहीं, गुरुद्वारा देगसर साहिब कटाणा के मुख्य ग्रंथी एवं शिरोमणि प्रचारक भाई सतनाम सिंह ने अपने धार्मिक प्रवचनों के माध्यम से खंडे-बाटे के अमृत का महत्व बताया। धार्मिक समागम में भाई तेजिंदर सिंह लुधियाना, भाई तरसेम सिंह बठिंडा वालों के अंतरराष्ट्रीय ढाडी जत्थे, भाई राजिंदर सिंह मानसा, ज्ञानी गगनदीप सिंह गुरुद्वारा नाडा साहिब, शिरोमणि प्रचारक भाई संदीप सिंह श्री आनंदपुर साहिब और भाई दविंदर सिंह के जत्थों ने भी धार्मिक प्रस्तुतियां दीं।
गुरुद्वारा सिंह शहीदां के हजूरी जत्थों में भाई इंदरजीत सिंह, भाई हरबख्श सिंह, भाई गुरमीत सिंह, भाई गुरनाम सिंह और भाई जसवंत सिंह ने कथा, कीर्तन, कविशरी और गुरमत विचारों के माध्यम से संगत को दिनभर हरि जस सुनाकर
निहाल किया।