सागर पाहवा | मोहाली
समर न्यूज
रयात बाहरा यूनिवर्सिटी (आरबीयू) द्वारा इंडस्ट्री-स्किल इनोवेशन एंड एम्प्लॉयबिलिटी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के विशेषज्ञों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और अकादमिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना व विद्यार्थियों की रोजगार योग्यता और करियर की संभावनाओं को बेहतर बनाना था।
इस कॉन्क्लेव का आयोजन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ साइंसेज और यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ स्किल एनहांसमेंट द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सम्मेलन की संयोजक और विद्यार्थी कल्याण विभाग की डीन प्रो. (डॉ.) सिमरजीत कौर ने कहा कि कार्यक्रम में फार्मास्यूटिकल्स, बायोटेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेज, सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, उद्यमिता और मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्रों से जुड़े 14 विशेषज्ञों ने भाग लिया। इनमें अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जावेद इमाम; एक्सोटिका आईटी सॉल्यूशंस के संस्थापक एवं सीईओ गौरव वत्स; क्रिएटिव चॉकलेट्स के संस्थापक बलप्रीत सिंह सहगल; बायोएज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के एमडी डॉ. शशि कुमार राणा; एनपैरिस बायो प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक निदेशक एवं सीईओ डॉ. सुधीर कुमार शर्मा; ग्लोबल एपियरीज के संस्थापक एवं निदेशक मदन शर्मा; तथा सीएसआईआर-सीएसआईओ, चंडीगढ़ की वैज्ञानिक-एफ डॉ. सुमन सिंह शामिल थे। अन्य प्रमुख प्रतिभागियों में एमबी मशीनरी कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग पार्टनर हरदीप ममर्थ; इंटीग्रम आईपी की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. श्वेता सेन थलवाल; रैप्चर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक एवं निदेशक डॉ. कविता राणा; राष्ट्रीय करियर सेवा, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की यंग प्रोफेशनल रोजी सिंगला और अन्य शामिल थे। कॉन्क्लेव का मुख्य आकर्षण ‘कौशल, नवाचार और रोजगार योग्यता’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही। कॉन्क्लेव के मुख्य संरक्षक एवं यूनिवर्सिटी के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता दोहराई। वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने, कार्यक्षेत्र की बदलती मांगों को समझने और करियर के नए अवसरों की जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। इस अवसर पर प्रो-वाइस-चांसलर डॉ. सतीश कुमार भी उपस्थित थे।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर एवं कॉन्क्लेव की संयोजक प्रो. (डॉ.) सिमरजीत कौर ने विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योग-अकादमिक सहभागिता को निरंतर मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।