Summer express, नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब को लेकर कई राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने स्थिति पर नजर रखते हुए संबंधित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभे गिरने और सड़कों पर जलभराव जैसी समस्याएं सामने आई हैं। काकीनाडा, मछलीपट्टनम और कोनासीमा सहित कई क्षेत्रों में तूफान का असर देखने को मिला है। तटीय सड़कें प्रभावित होने से यातायात में भी परेशानी आ सकती है।
चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश के कई जिलों में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और तेज हवाओं के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों को प्रभावित सड़कों से गिरे हुए पेड़ हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और मौसम खराब होने की आशंका के बीच प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मछुआरों और समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ सकता है, इसलिए यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
वहीं, चक्रवात के व्यापक मौसमी प्रभाव के बीच हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, चक्रवात की मौजूदा स्थिति और विभिन्न राज्यों के लिए जारी चेतावनियों की पुष्टि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ताजा आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।