समर न्यूज। चंडीगढ़
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आप के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह के पुराने राजनीतिक कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए उनसे जवाब मांगा है। चीमा ने पूछा कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भाजपा की सरकार के दौरान जब राज्य में नशे का मुद्दा गंभीर था और बेअदबी की घटनाएं सामने आ रही थीं, तब परगट सिंह ने इन मामलों पर कितनी मुखरता से आवाज उठाई थी।
चीमा ने परगट सिंह की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को अपने राजनीतिक सफर और पूर्व में निभाई गई जिम्मेदारियों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से उस दौर का जिक्र किया, जब परगट सिंह शिअद से जुड़े थे और बाद में पंजाब सरकार में शिक्षा एवं खेल मंत्री रहे। आप नेता का आरोप है कि उस समय नशे और बेअदबी जैसे मुद्दों पर उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठते हैं। ये आरोप आप की ओर से लगाए गए हैं; परगट सिंह की ओर से इन विशिष्ट सवालों के जवाब की पुष्टि आवश्यक है।
परगट सिंह ने वर्ष 2012 में शिअद के टिकट पर जालंधर कैंट से विधानसभा चुनाव जीता था। बाद में पार्टी नेतृत्व से मतभेदों के चलते वह कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस की पिछली सरकार में वह शिक्षा और खेल मंत्री रहे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जालंधर कैंट सीट से जीत दर्ज की। अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी आगामी चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करना और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय कायम करना है।