Summer express, नई दिल्ली। देश में बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनियों के सामने एल्युमिनियम कैन की कमी बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। पैकेजिंग के लिए जरूरी कैन की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से कंपनियों को आपूर्ति संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर आने वाले दिनों में बाजार में कुछ चुनिंदा ब्रांड और उत्पादों की उपलब्धता पर पड़ सकता है। हालांकि, इस संकट का संबंध पेय पदार्थों के उत्पादन से नहीं, बल्कि उनकी पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले कैन की कमी से है।
बढ़ती मांग और सीमित उत्पादन से गहराया संकट
विशेषज्ञों के मुताबिक, एल्युमिनियम कैन की कमी के पीछे बढ़ती मांग, घरेलू उत्पादन क्षमता की सीमाएं और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में आई बाधाएं प्रमुख कारण हैं। भारत में बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक्स की पैकेजिंग के लिए कैन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। पिछले दो वर्षों में इनकी बिक्री में कैन की हिस्सेदारी दोगुनी हो गई है और अब कुल सालाना बिक्री में यह हिस्सा 25 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।
मांग में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू उत्पादन क्षमता उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाई। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण माल ढुलाई और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है, जिससे कैन की उपलब्धता पर दबाव और बढ़ गया है।
60 करोड़ अतिरिक्त कैन के लक्ष्य का आधा ही उत्पादन
ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक विनोद गिरी के अनुसार, कंपनियों को देश में अतिरिक्त 60 करोड़ एल्युमिनियम कैन के उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन इसका केवल आधा यानी करीब 30 करोड़ कैन ही तैयार हो सके। देश की प्रमुख कैन निर्माता कंपनियां अपनी मौजूदा उत्पादन क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर रही हैं।
उत्पादन बढ़ाने के लिए नई मशीनें लगाने और नई उत्पादन लाइनें स्थापित करने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच बढ़े अंतर को तत्काल दूर करना कंपनियों के लिए मुश्किल बना हुआ है।
विदेशों से आयात पर निर्भरता बढ़ी, लागत में इजाफा
घरेलू बाजार में कैन की कमी को पूरा करने के लिए कंपनियां संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों से आयात कर रही हैं। हालांकि, विदेशों से मंगाए जाने वाले कैन घरेलू कैन के मुकाबले लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक महंगे पड़ रहे हैं। इससे कंपनियों की पैकेजिंग लागत बढ़ रही है और आपूर्ति संबंधी चुनौतियां भी बनी हुई हैं।
क्या बाजार में बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक्स की कमी होगी?
कैन की किल्लत के बावजूद बाजार में बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक्स की उपलब्धता पूरी तरह खत्म होने की आशंका नहीं है। मौजूदा समस्या पेय पदार्थों की कमी के बजाय उनकी पैकेजिंग के लिए जरूरी एल्युमिनियम कैन की सीमित आपूर्ति से जुड़ी है। हालांकि, अगर मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कुछ चुनिंदा ब्रांडों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।