Summer express, जॉर्जिया (अमेरिका)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की आव्रजन नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि देश ने ऐसे लोगों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं, जो उसकी संस्कृति और विरासत का सम्मान नहीं करते। शनिवार को जॉर्जिया के पेरी में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने फ्रांस के हालात का हवाला देकर अमेरिका की सख्त आव्रजन नीति का बचाव किया।
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि फ्रांस में ऐसे लोग बस रहे हैं, जिन्हें वहां की इमारतों, स्मारकों और कलात्मक विरासत से कोई लगाव नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ऐसे लोगों के प्रवेश पर रोक लगानी चाहिए और उनकी सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका में नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों के लिए शुरुआती मतदान शुरू हो चुका है। इन चुनावों से तय होगा कि कांग्रेस के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। इसका असर ट्रंप की सरकार के शेष कार्यकाल में विधायी योजनाओं को आगे बढ़ाने की क्षमता पर भी पड़ सकता है।
फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां
इस बीच, फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि शनिवार को देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि गिरफ्तारियों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदर्शनों में बढ़ती महंगाई, शिक्षा के लिए पर्याप्त धन की कमी और अन्य मुद्दों को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं।
फ्रांस 24 के अनुसार, सरकार ने देशभर में प्रदर्शनों में शामिल लोगों की संख्या लगभग 4.10 लाख बताई, जबकि आयोजकों का दावा था कि करीब 8 लाख लोगों ने मार्च में हिस्सा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, पेरिस में कोर्स डी विन्सेनेस के पास आयोजित प्रदर्शन को सुरक्षा बलों ने तितर-बितर कर दिया। मार्च के पिछले हिस्से में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया था।
पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का किया इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की ओर से वस्तुएं फेंके जाने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। हालात पर नजर रखने और पुलिस की जमीनी टीमों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के अंतिम चरण में पेरिस में 500 से अधिक उपद्रवी मौजूद थे।
गृह मंत्री नुनेज ने कहा कि पिछले शनिवार को हुई हिंसा और लूटपाट के दौरान इसी समय तक 385 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस बार गिरफ्तारियों की संख्या अधिक रही। प्रशासन ने हालिया हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
कई बड़े शहरों में फैली झड़पें
यूरोन्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को शुरुआत में प्रदर्शन काफी हद तक शांतिपूर्ण रहे, लेकिन देर शाम पेरिस में स्थिति बिगड़ गई। इसके बाद ल्योन, लिले, मार्सिले, मोंटपेलियर, नैनटेस और टूलूज सहित कई बड़े शहरों में भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की खबरें सामने आईं। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने और हिंसा रोकने के लिए आंसू गैस तथा वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
देशभर में हुए प्रदर्शनों ने फ्रांस में महंगाई, शिक्षा के लिए धन की उपलब्धता और सरकार की नीतियों को लेकर जारी असंतोष को उजागर किया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं।