Summer express, नई दिल्ली I रेलवे से सामान भेजना अब पहले से अधिक आसान होने जा रहा है। पार्सल बुक कराने के लिए रेलवे स्टेशन जाने और लंबी कागजी प्रक्रिया पूरी करने की परेशानी से लोगों को राहत देने के लिए भारतीय रेलवे ने नई पहल की है। इसके तहत ग्राहक घर बैठे पार्सल बुक कर सकेंगे और सामान को घर से उठाने से लेकर गंतव्य तक पहुंचाने की सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे।
शुरुआती चरण में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे के लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। रेलवे की ओर से शुरू की जा रही ‘रेल पार्सल ऐप-घर से घर तक’ सेवा के माध्यम से ग्राहक पार्सल की बुकिंग, भुगतान और सामान की आवाजाही से जुड़ी सेवाएं ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
इस व्यवस्था में निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियां ग्राहक के घर से पार्सल उठाने और गंतव्य पर उसकी डिलीवरी करने की जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, दो रेलवे स्टेशनों के बीच सामान पहुंचाने का काम रेलवे करेगा। जरूरत के अनुसार संबंधित कंपनियां पैकेजिंग सहित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकेंगी।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, घर से घर तक पार्सल पहुंचाने की बुकिंग ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 15 दिन पहले शुरू हो जाएगी। यात्री और अन्य ग्राहक ट्रेन रवाना होने से एक दिन पहले तक बुकिंग कर सकेंगे। इसके बाद लॉजिस्टिक्स कंपनियां ट्रेन के प्रस्थान से एक घंटे पहले तक पार्सल रेलवे कर्मचारियों को सौंप सकेंगी।
यह मोबाइल ऐप एक डिजिटल मंच के रूप में काम करेगा, जहां ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं का चयन कर सकेंगे। इससे लोगों को पार्सल लेकर रेलवे स्टेशन जाने और वहां जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने की आवश्यकता नहीं होगी।
बुकिंग रद्द करने पर क्या मिलेगा रिफंड?
रेलवे के नियमों के मुताबिक, यदि ग्राहक पार्सल उठाए जाने से पहले बुकिंग रद्द करता है, तो 10 रुपये का प्रशासनिक शुल्क काटकर शेष रेलवे भाड़ा वापस कर दिया जाएगा। हालांकि, घर से पार्सल उठाने और गंतव्य तक पहुंचाने वाली सेवाओं के शुल्क की वापसी संबंधित लॉजिस्टिक्स कंपनी की नीति के अनुसार होगी। इन शर्तों की जानकारी ग्राहकों को बुकिंग के समय दी जाएगी।
इससे पहले रेलवे बोर्ड ने त्योहारों के दौरान पार्सल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पार्सल डिब्बों की आने-जाने की यात्रा की संयुक्त बुकिंग पर छूट देने की घोषणा की थी। दिवाली और क्रिसमस जैसे त्योहारों के दौरान कारोबारियों की ओर से सामान की ढुलाई की मांग बढ़ जाती है।
रेलवे बोर्ड के परिपत्र के अनुसार, पार्सल एग्रीगेटर एक तरफ के किराए का डेढ़ गुना भुगतान करके आने-जाने की यात्रा के लिए बुकिंग करा सकते हैं। इस व्यवस्था से कुल भाड़े में लगभग 25 प्रतिशत की बचत होती है। हालांकि, यह छूट रेलवे की सभी पार्सल बुकिंग पर लागू नहीं होती।