Summer express, सुंदर कुंडू, पलवल। जिला सचिवालय के सभागार में राज्य सहायता मिशन, हरियाणा की ओर से स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के अंतर्गत बाल कुपोषण के प्रबंधन के लिए चिकित्सीय पोषण आहार के माध्यम से संचालित पायलट परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने की।
बैठक में परियोजना के परिणामों, निष्कर्षों, सुझावों और अब तक के अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बच्चों में कुपोषण की समय पर पहचान, उपचार और नियमित निगरानी की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने परियोजना में सहयोग देने वाले सभी विभागों, संस्थानों और संबंधित हितधारकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाल कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए विभागीय समन्वय, निरंतर सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है। ऐसे प्रयासों को आगे भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ कुपोषण की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्यप्रणाली विकसित की जा सके।
राज्य सहायता मिशन की संयुक्त निदेशक एवं हरियाणा की नोडल अधिकारी डॉ. नीरू ने परियोजना की अवधारणा, उद्देश्य और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रभावित बच्चों की समय रहते पहचान करना और उनके उचित प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत बनाना आवश्यक है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और सामूहिक प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतिंदर वशिष्ठ ने परियोजना की परिकल्पना और इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य सहायता मिशन, हरियाणा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाल कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए इस तरह की पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। परियोजना से मिलने वाले अनुभव भविष्य में योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने और विभागों के बीच सहयोग बढ़ाने में सहायक होंगे।
बैठक के दौरान परियोजना के क्रियान्वयन में योगदान देने वाले विभिन्न हितधारकों को उनके सहयोग और प्रतिबद्धता के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शैक्षणिक संस्थानों और जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के सामूहिक योगदान को सराहा गया।