अशवनी पाहवा | लुधियाना
समर न्यूज
पंजाब में धार्मिक स्थलों पर लगातार हो रही फायरिंग की घटनाओं से लोगों की चिंता बढ़ गई है। जगराओं के गांव गगड़ा स्थित गुरुद्वारा श्री गोपालसर साहिब के बाद अब रायकोट के गांव राजोआणा कलां स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब पातशाही दसवीं में बुधवार तड़के गोलियां चलाई गईं। दो दिनों के भीतर दो अलग-अलग गुरुद्वारों में फायरिंग की घटनाओं से गुरुद्वारा साहिब में सेवा करने वाले लोगों के साथ-साथ माथा टेकने आने वाली संगत में भी दहशत का माहौल है।
धार्मिक स्थलों पर हुई इन वारदातों के बाद श्रद्धालु अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और पुलिस कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। बुधवार सुबह करीब 3:15 बजे मोटरसाइकिल पर आए दो नकाबपोश युवकों ने गुरुद्वारा मंजी साहिब में दाखिल होकर मुख्य व्यवस्थापक संत बाबा बलदेव सिंह के रिहायशी कमरे के दरवाजे की तरफ गोलियां चलाईं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के समय बाबा बलदेव सिंह स्नान करने गए हुए थे, जिस कारण वह कमरे में मौजूद नहीं थे और बाल-बाल बच गए। राहत की बात यह रही कि फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ।
गगड़ा का गुरुद्वारा गोपालसर साहिब
मंगलवार सुबह जगराओं के गांव गगड़ा स्थित गुरुद्वारा श्री गोपालसर साहिब के मुख्य गेट पर भी फायरिंग की घटना सामने आई थी। उस मामले में अज्ञात हमलावर की ओर से गोलियां चलाए जाने के बाद धमकी भरा पत्र छोड़े जाने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस उस मामले की भी जांच कर रही है। गगड़ा की घटना के अगले ही दिन राजोआणा कलां के गुरुद्वारा मंजी साहिब में फायरिंग की दूसरी वारदात सामने आने से संगत की चिंता और बढ़ गई है।
कमरे के दरवाजे को बनाया निशाना
गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी बाबा कुलवंत सिंह ने बताया कि घटना के समय वह एक अन्य सिंह के साथ गुरुद्वारा साहिब में मौजूद थे। वे हुकमनामा लेने के बाद ही वहां से हटे थे कि अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब वह बाहर आए तो पता चला कि दो अज्ञात युवक बाबा बलदेव सिंह के रिहायशी कमरे के दरवाजे पर फायरिंग कर फरार हो चुके थे। दोनों युवकों के चेहरे ढके हुए थे।
एसएसपी सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलने पर लुधियाना रूरल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता, एसपी (डी) राजन शर्मा और पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों और साइबर क्राइम टीम की मदद से घटनास्थल से सबूत जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस गुरुद्वारा साहिब और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही आरोपियों के आने और भागने के रास्तों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
दोनों घटनाओं में संबंध की पुष्टि नहीं
फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं की जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक दोनों वारदातों के बीच किसी साझा साजिश या आपसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक सबूतों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और फायरिंग करने का मकसद क्या था। लगातार दो दिनों में धार्मिक स्थलों पर हुई गोलीबारी से संगत में पैदा हुई दहशत के बीच लोगों की नजरें पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।