एजेंसी | मानसा
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के खिलाफ चल रहे इंसाफ मोर्चे के बीच दलजीत सिंह की मौत ने तनाव बढ़ा दिया है। बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने सबूत जुटाने जा रही पुलिस की फॉरेंसिक टीम की गाड़ी को रोक दिया। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। दलजीत का शव बठिंडा स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में रखा गया है और पोस्टमार्टम नहीं हुआ है।
दलजीत सिंह की 27 अक्तूबर को मौत हुई थी। उसके परिजनों ने आशंका जताई कि उसकी जान नशे की ओवरडोज से गई। परिवार शव को झोटा के लिए चल रहे धरना स्थल पर ले जाना चाहता था, लेकिन पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर बठिंडा एम्स पहुंचा दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। परिवार का आरोप है कि पुलिस पोस्टमार्टम कराने के लिए दबाव डाल रही है।
पुलिस का कहना है कि मौत की परिस्थितियां हत्या की ओर इशारा करती हैं और वास्तविक कारण पोस्टमार्टम तथा जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस के मुताबिक, दलजीत की मौत के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शव को कथित तौर पर सड़क किनारे छोड़ने में इस्तेमाल हुई कार भी बरामद की गई है। पुलिस दल के साथ टकराव के संबंध में हत्या के प्रयास सहित अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर टकराव में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर कार्रवाई होगी।
}झोटा के मामले में भी गतिरोध…
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार और इंसाफ कमेटी का धरना लगातार जारी है। परिवार ने पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए अपनी सहमति देने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे समेत कई मांगें रखी हैं। सरकार का कहना है कि परिवार की जायज मांगें स्वीकार की गई हैं, लेकिन बातचीत से गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
}पंजाबभर में प्रदर्शन और अरदास:
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्यभर के पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के निर्देश पर गुरुद्वारों में झोटा के परिवार को इंसाफ दिलाने और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए अरदास भी की जा रही है। इस घटनाक्रम ने नशे की समस्या और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक बहस तेज कर दी है। दलजीत की मौत का कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल प्रशासन के सामने निष्पक्ष जांच के साथ तनाव कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है।