Summer express, हैदराबाद। तेलंगाना में चलती बस से धक्का दिए जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हुई महिला बस कंडक्टर गुंडला प्रवलिका की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। करीब 10 दिन पहले भद्राद्री-कोठागुडेम जिले के असवापुरम मंडल में मिट्टागुडेम सेंटर के पास एक महिला यात्री ने उन्हें चलती बस से नीचे धक्का दे दिया था। इस घटना में प्रवलिका को गंभीर चोटें आई थीं। उनकी मौत के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ दर्ज मामले में बदलाव करते हुए हत्या के प्रयास की धारा को हटाकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला बी. मौनिका को घटना के बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। असवापुरम पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर सीएच यल्लैया ने बताया कि घायल कंडक्टर को बचाने के लिए चिकित्सकों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन अधिक खून बह जाने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। 24 वर्षीय प्रवलिका अविवाहित थीं।
पुलिस जांच के अनुसार, यह घटना 25 अक्टूबर को हुई थी। उस दिन प्रवलिका मनुगुरु और भद्राचलम के बीच चलने वाली बस में ड्यूटी पर तैनात थीं। बस को चालक के. जंपैया चला रहे थे। इसी दौरान बी. मौनिका अपने बेटे के साथ मनुगुरु की फूल मंडी से बस में सवार हुई थी। महिला ने अपना आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा का टिकट लिया और अपने नाबालिग बेटे के लिए आधा टिकट खरीदने के लिए कंडक्टर को 100 रुपये का नोट दिया।
बताया जा रहा है कि बच्चे के टिकट का किराया 10 रुपये था। जब प्रवलिका ने महिला से बाकी पैसे लौटाने के लिए 10 रुपये के खुले पैसे मांगे तो उसने छुट्टे देने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर मौनिका ने कथित तौर पर प्रवलिका को चलती बस से बाहर धक्का दे दिया। नीचे गिरने के बाद उनका दाहिना पैर बस के पिछले पहियों की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे के तुरंत बाद प्रवलिका को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बाद में बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। करीब 10 दिनों तक चले इलाज के बावजूद अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।
प्रवलिका के निधन पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी रहेगी और परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में भी परिवार के प्रति सहानुभूति जताई गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्रवलिका की मां को सरकारी नौकरी देने, परिवार को इंदिरम्मा आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराने और 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
इसके अलावा, परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने परिवार को एक करोड़ रुपये का बीमा कवर दिए जाने की जानकारी दी। मंत्री ने उस्मानिया जनरल अस्पताल का दौरा भी किया, जहां प्रवलिका का पोस्टमार्टम किया गया। सरकार की ओर से की गई इन घोषणाओं का उद्देश्य पीड़ित परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
मामले में आरोपी महिला के खिलाफ अब हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामूली किराये के विवाद से शुरू हुई इस घटना में एक युवा महिला कर्मचारी की जान चली गई, जिससे परिवहन विभाग और स्थानीय क्षेत्र में शोक का माहौल है।