एजेंसी | नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला। कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के नेता तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। रैली से पहले विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिंटो रोड जंक्शन से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला। करीब चार घंटे चले कार्यक्रम में नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों में नाम काटे जाने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाना पहला कदम होगा। उन्होंने दावा किया कि कुमार को पद छोड़ना पड़ेगा और भविष्य में जेल भी जाना होगा। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी चेतावनी देते हुए कहा कि कथित वोट चोरी के मामले में उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर कर जनता के मताधिकार को कमजोर किया जा रहा है।
{खड़गे, ममता और अखिलेश के आरोप…
खड़गे ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते, विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं, युवाओं और दलितों के वोट काटने की कोशिश की जा रही है। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतगणना में भी गड़बड़ी की गई। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चाहती है कि केवल उसके समर्थक ही मतदाता और देश के नागरिक बने रहें। तेजस्वी यादव ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर केंद्र सरकार के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया।
{भाजपा ने उठाए रैली के समय पर सवाल…
विपक्ष के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रैली को सुनियोजित राजनीतिक नाटक बताते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य देश में अराजकता फैलाना है। गृह मंत्री अमित शाह ने रैली के आयोजन के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी है और कांग्रेस को पीड़ित परिवारों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए। भाजपा नेताओं ने रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने का दावा भी किया। दिल्ली में भाजपा नेताओं ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला।
{चुनाव आयोग का पक्ष…
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य दोहरे और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को दुरुस्त करना है। आयोग ने किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने के आरोपों को खारिज किया है। उसका यह भी कहना है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हट गए हैं, वे दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष और आयोग के बीच टकराव से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।