Summer express, नई दिल्ली। तमिलनाडु के पलानी स्थित प्रसिद्ध अरुलमिगु दंडायुथपाणि स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से बड़ी मात्रा में चढ़ावा अर्पित किया गया है। मंदिर में दान की गई नकदी, सोने-चांदी और विदेशी मुद्रा की गिनती के दौरान करोड़ों रुपये की राशि और कीमती धातुएं मिली हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं ने कुल 2.26 करोड़ रुपये नकद, 286 ग्राम सोना, 10.752 किलोग्राम चांदी और विदेशी मुद्रा के 393 नोट चढ़ाए हैं। मंदिर में मिले इस चढ़ावे से श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धार्मिक विश्वास का पता चलता है।
तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के पलानी शहर में स्थित यह मंदिर दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। इसे पलानी मुरुगन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। शिवगिरि पहाड़ी पर बने इस प्राचीन मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। बड़ी संख्या में भक्त भगवान मुरुगन के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए यहां पहुंचते हैं। मंदिर की भव्य संरचना और धार्मिक महत्व इसे देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान दिलाते हैं।
अरुलमिगु दंडायुथपाणि स्वामी मंदिर भगवान कार्तिकेय यानी भगवान मुरुगन को समर्पित है। इसे भगवान मुरुगन के छह पवित्र निवासों, जिन्हें ‘आरुपड़ै वीडु’ कहा जाता है, में तीसरा और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है। शिवगिरि पहाड़ी पर स्थित होने के कारण मंदिर से आसपास के क्षेत्र का मनोरम दृश्य भी दिखाई देता है।
मंदिर का प्रसाद पलानी पंचामृतम भी देशभर में प्रसिद्ध है। केला, गुड़, घी, शहद और इलायची से तैयार होने वाले इस प्रसाद को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त है। इसकी विशेष पहचान के कारण श्रद्धालु इसे मंदिर से जुड़े प्रमुख धार्मिक प्रसाद के रूप में देखते हैं।
मंदिर में जनवरी के महीने में थाईपुसम उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु पलानी पहुंचते हैं। कई भक्त कांवड़ लेकर भगवान मुरुगन के दर्शन करते हैं और अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। सालभर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ और मंदिर को मिलने वाला चढ़ावा इसकी धार्मिक लोकप्रियता को दर्शाता है।