Summer express, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्रदेश के 52 लाख 21 हजार 83 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 4470 करोड़ 77 लाख रुपये की राशि जारी की। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 13वीं किस्त भी जारी की। इसके तहत 10 लाख 59 हजार महिलाओं के खातों में 222 करोड़ 52 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नियमित सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी की सौगात दी। अब डीए और डीआर की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है। यह बढ़ोतरी एक जुलाई 2026 से लागू मानी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 13 किस्तों में कुल 2689 करोड़ 15 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। योजना का दूसरा चरण 17 सितंबर से शुरू किया गया है। इसके तहत अधिक महिलाओं को लाभ देने के उद्देश्य से पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है और वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये कर दी गई है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश के 35 लाख 26 हजार 358 लाभार्थियों के खातों में 1135 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में संचालित 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के पात्र लोगों को इसका लाभ मिला है। वहीं, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत सितंबर महीने की सब्सिडी के रूप में छह लाख पांच हजार महिलाओं को 24 करोड़ 25 लाख रुपये दिए गए हैं। इस योजना के तहत अब तक कुल 404 करोड़ 46 लाख रुपये की सब्सिडी जारी की जा चुकी है।
दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) के तहत 5429 परिवारों को 202 करोड़ 99 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस राशि को मिलाकर योजना के तहत अब तक कुल 3682 करोड़ 83 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने गांवों और शहरों के विकास के लिए जारी बजट का भी ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि राज्य वित्त आयोग के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए 2316 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी पहली और दूसरी किस्त के रूप में 1158 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि प्रदेश की 22 जिला परिषदों, 143 पंचायत समितियों और 6230 ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी गई है। वहीं, शहरी विकास के लिए राज्य वित्त आयोग योजना के तहत 2754 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें से नगरपालिकाओं को 1727 करोड़ 80 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं।
मधुमक्खी पालकों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इससे पहले 16 अगस्त 2025 को कुरुक्षेत्र में शहद को भावांतर भरपाई योजना के दायरे में लाने का ऐलान किया गया था। इसके तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। अब मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान पर बीमा सुरक्षा भी मिलेगी। इसके लिए उन्हें प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 50 रुपये प्रीमियम देना होगा। योजना के तहत अधिकतम 6 लाख 25 हजार रुपये तक का बीमा क्लेम मिल सकेगा।
डीए और डीआर में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी का लाभ प्रदेश के करीब 5 लाख 38 हजार लोगों को मिलेगा। इनमें लगभग 2 लाख 78 हजार नियमित कर्मचारी और 2 लाख 60 हजार पेंशनर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलेगी।
धान खरीद को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 278 मंडियों में 29 सितंबर से खरीद प्रक्रिया शुरू की गई थी, जो 15 नवंबर तक जारी रहेगी। पांच नवंबर तक मंडियों में 48 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 43 लाख मीट्रिक टन की खरीद की गई है। किसानों से कॉमन धान 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान 2461 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। अब तक 2 लाख 88 हजार 102 किसानों को धान खरीद के बदले 9880 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को धनतेरस, दीपावली और आने वाले अन्य त्योहारों की शुभकामनाएं भी दीं।