पटना (बिहार) | राजधानी पटना में एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जहां तीन ठग ‘कॉल बॉय’, केरल लॉटरी और वशीकरण बाबा जैसी ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। पुलिस ने इन साइबर ठगों को नालंदा जिले से गिरफ्तार किया, जो पटना में किराए के मकान में बैठकर फर्जी विज्ञापनों के ज़रिए लोगों को जाल में फंसा रहे थे।
झूठे विज्ञापन, फर्जी नंबर और ठगी का तंत्र
आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ऐसे झूठे विज्ञापन पोस्ट करते थे, जिनमें फोन नंबर के साथ आकर्षक ऑफर दिए जाते थे। जैसे ही लोग इन नंबरों पर संपर्क करते, आरोपी उन्हें झूठे वादों और लालच के जरिए पैसे ठग लेते थे। पूछताछ में सामने आया है कि ये सभी एक संगठित साइबर गैंग से जुड़े हुए हैं।
किराए के मकान से चला रहे थे साइबर ठगी का अड्डा
पटना साइबर सेल के अनुसार, फुलवारीशरीफ प्रखंड के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र स्थित सोरंगपुर देवी स्थान रोड पर एक मकान की दूसरी मंजिल पर इनका ठिकाना था। पुलिस की विशेष टीम ने वहां छापा मारकर तीन आरोपियों को दबोच लिया।
बरामद सामान और गिरफ्तार आरोपी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 13 मोबाइल फोन
- 2 लैपटॉप
- 15 एटीएम कार्ड
- ₹22,700 नगद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुंदन कुमार (23), समीर कुमार (20) और अभिराज कुमार (20) के रूप में हुई है। तीनों नालंदा जिले के निवासी हैं।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तार आरोपियों को पटना साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज केस के तहत जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और फंडिंग स्रोतों की तलाश में जुटी है।
बिहार के नालंदा, नवादा और गया जैसे जिलों में इस तरह के साइबर ठग गिरोह सक्रिय हैं, जो झारखंड के कुख्यात ‘जामताड़ा मॉडल’ को फॉलो करते हैं और ऑनलाइन धोखाधड़ी को पेशा बना चुके हैं।