चंडीगढ़ | शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को तख्त श्री पटना साहिब की ओर से धार्मिक अनुशासन के उल्लंघन पर ‘तनखैया’ घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि वह निर्धारित समय पर तख्त के समक्ष पेश नहीं हुए।
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला रणजीत सिंह गौहर-ए-मस्कीन की पुनर्बहाली के आदेशों को लेकर शुरू हुआ था। इसी मुद्दे पर तख्त श्री पटना साहिब की ओर से सुखबीर बादल से 20 दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। इसके बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस मसले को लेकर पटना साहिब पहुंचा था।
बाद में SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने सुखबीर बादल के लिए 15 दिनों की अतिरिक्त मोहलत मांगी थी, मगर समय सीमा खत्म होने तक वह उपस्थित नहीं हुए। ऐसे में तख्त के सिंह साहिबानों ने पांच प्यारों की सलाह के बाद उन्हें ‘तनखैया’ घोषित करने का निर्णय लिया।
धार्मिक मामलों में ‘तनखैया’ घोषित किए जाने का अर्थ होता है कि व्यक्ति ने मर्यादा या अनुशासन का उल्लंघन किया है और उसे तख्त पर हाजिर होकर माफी मांगनी होती है। अब आगे देखना होगा कि सुखबीर सिंह बादल इस निर्णय के जवाब में क्या रुख अपनाते हैं।