नई दिल्ली | केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे अब यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि अगली सैलरी रिविजन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। सातवें वेतन आयोग को लागू हुए करीब 9 साल हो चुके हैं और लंबे समय से कर्मचारी वर्ग इसकी अगली किस्त का इंतजार कर रहा था।
2027 से लागू हो सकता है नया वेतन ढांचा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, आठवां वेतन आयोग 2026 के अंत तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है, जिसके बाद यदि प्रक्रिया समय पर पूरी हुई, तो 2027 से नया वेतन ढांचा लागू किया जा सकता है। हालांकि अभी आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।
वेतन आयोग कैसे करता है वेतन निर्धारण?
हर वेतन आयोग एक पे मैट्रिक्स के आधार पर काम करता है, जिसमें कर्मचारी की सेवा अवधि, ग्रेड और लेवल के अनुसार वेतन और भत्तों की सिफारिश की जाती है। इस बार सरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.86 करने पर विचार कर रही है। यदि यह लागू हुआ तो बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय इजाफा होगा।
कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी सैलरी बढ़ोतरी। अनुमानित आंकड़े देखें:
| लेवल | वर्तमान बेसिक सैलरी (₹) | संभावित नई सैलरी (₹) |
| लेवल-1 | ₹18,000 | ₹51,480 |
| लेवल-2 | ₹19,900 | ₹56,914 |
| लेवल-3 | ₹21,700 | ₹62,062 |
| लेवल-6 | ₹35,400 | ₹1,00,000+ |
| लेवल-10 | ₹56,100 (IAS/IPS) | ₹1.6 लाख तक |
यह संशोधन सभी ग्रेड्स में वेतन असमानता को दूर करेगा और कर्मचारियों के लिए संतुलनकारी लाभ लेकर आएगा।
पेंशनर्स को भी मिलेगा सीधा लाभ
नया वेतन ढांचा केवल सक्रिय कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों (पेंशनधारियों) के लिए भी फायदेमंद होगा। पेंशन की गणना नई सैलरी के आधार पर दोबारा की जाएगी, जिससे पुरानी पेंशन में भी अच्छी बढ़ोतरी संभव है। लंबे समय से एक जैसी पेंशन पा रहे रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए यह राहत की खबर होगी।
उत्साह तो है, लेकिन आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि अभी तक सरकार की ओर से आयोग गठन की औपचारिक अधिसूचना नहीं जारी की गई है, लेकिन सैद्धांतिक स्वीकृति से प्रक्रिया को मजबूती जरूर मिली है। कर्मचारी संगठनों ने कई बार वेतन आयोग की मांग को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपे हैं। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि आयोग का गठन कब होता है और क्या वह समय पर रिपोर्ट पेश कर पाता है।