20 July, 2025
हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है, और रविवार का दिन सूर्य देवता को अर्पित है। तेज, ऊर्जा और जीवन के स्रोत माने जाने वाले सूर्य देव की आराधना इस दिन विशेष रूप से की जाती है। देशभर में श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, सूर्य को अर्घ्य देते हैं और उनकी कृपा से स्वास्थ्य, सफलता एवं समृद्धि की कामना करते हैं।
सूर्य देव को ‘साक्षात देवता’ माना गया है, क्योंकि वे प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देते हैं। रविवार को प्रातःकाल स्नान कर, स्वच्छ वस्त्र धारण कर तांबे के पात्र में जल, लाल फूल, अक्षत और गुड़ मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप भी लाभकारी होता है।
आयुर्वेद एवं ज्योतिष में भी सूर्य की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि इससे नेत्र रोगों में राहत मिलती है और आत्मबल में वृद्धि होती है। कई स्थानों पर रविवार को सूर्य मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से सूर्य पूजन से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है। यह दिन उन लोगों के लिए विशेष फलदायक होता है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो।
संक्षेप में:
रविवार न केवल अवकाश का दिन है, बल्कि यह आत्मिक और शारीरिक ऊर्जा प्राप्त करने का भी श्रेष्ठ अवसर है। सूर्य की उपासना से व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में उजास और सकारात्मकता का अनुभव कर सकता है।