जालंधर | हाल ही में ISI और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े दो आतंकियों की गिरफ़्तारी ने जालंधर में सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। काउंटर इंटेलिजेंस की इस बड़ी सफलता के बाद भी शहर में सुरक्षा इंतजाम पुराने स्तर पर ही बने हुए हैं।
गिरफ़्तारी और खतरा
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आतंकी गुरजिंदर सिंह और दीवान सिंह 2.5 किलो RDX और रिमोट कंट्रोल के साथ बड़े धमाके की साजिश रच रहे थे। हालांकि उनकी गिरफ़्तारी से शहर में राहत तो मिली, लेकिन कई सेंसिटिव इलाकों जैसे लाजपत नगर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रामा मंडी और बस्ती बावा खेल में सुरक्षा इंतजाम अभी भी अपर्याप्त हैं।
काउंटर इंटेलिजेंस की सफलता, बाकी विभागों की खामोशी
सूत्रों के अनुसार, काउंटर इंटेलिजेंस ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आतंकियों को गिरफ्तार किया, लेकिन स्थानीय थाने, बीट पुलिस और ट्रैफिक यूनिट को इस मॉड्यूल के बारे में कोई चेतावनी नहीं दी गई। फिलहाल शहर में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल स्पष्ट नहीं हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि जालंधर जैसे शहरों में आतंकवाद रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना जरूरी है:
- संवेदनशील क्षेत्रों में हाई-टेक CCTV सर्विलांस को सक्रिय किया जाए।
- रैंडम नाकाबंदी और सुरक्षा चेकिंग नियमित रूप से की जाए।
- धार्मिक स्थल और शैक्षणिक संस्थानों पर मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी बढ़ाई जाए।
- इंटर-एजेंसी इंटेलिजेंस साझेदारी मजबूत की जाए।
- नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए जागरूक किया जाए।
जनता में डर और प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गिरफ़्तारी से राहत मिली है, लेकिन डर अब भी बरकरार है। दुकानदारों और आम जनता ने पुलिस से त्योहारों और भीड़भाड़ वाले समय में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।