बिलासपुर, सुभाष-:हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने 23 सितंबर 2025 को जारी सरकारी अधिसूचना का कड़ा विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि नई व्यवस्था के तहत शिक्षा विभाग में कैंपस प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे प्राथमिक विद्यालयों को संबंधित वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रिंसिपल के अधीन कर दिया गया है।
पत्रकार वार्ता में मंडी जिला अध्यक्ष बाबू लाल और बिलासपुर जिला अध्यक्ष राकेश पटियाल भी उपस्थित रहे। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से प्राथमिक स्कूलों की प्रशासनिक स्वायत्तता प्रभावित होगी और निर्णय लेने की शक्तियां पूरी तरह प्रिंसिपल के नियंत्रण में चली जाएंगी।संघ के अनुसार अधिसूचना में पदोन्नति से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है। अब प्राथमिक शिक्षकों को हेड टीचर, सेंट्रल हेड टीचर और बीईओ जैसे पदों पर पदोन्नति का अवसर नहीं मिलेगा। पहले शिक्षक 20 से 25 वर्षों की सेवा के बाद इन पदों पर पदोन्नत होते थे, जिससे उन्हें वेतनमान और जिम्मेदारियों में वृद्धि के साथ सम्मान भी मिलता था। नई व्यवस्था से पदोन्नति की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण निर्णय से पहले शिक्षक संगठनों से व्यापक चर्चा नहीं की। उनका कहना है कि इससे शिक्षकों का मनोबल गिरेगा और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अधिसूचना वापस नहीं ली तो 1 मार्च को जिला और खंड स्तर पर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद भी समाधान न निकलने पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।