पंचकूला। इनेलो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक नफे सिंह राठी हत्याकांड की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य अदालत में पेश किए गए।
अभियोजन पक्ष की ओर से एएसआई नरेश कुमारी ने गवाही दी। गवाही के दौरान अदालत में एक सीलबंद पैकेट खोला गया, जिसमें 24 कारतूस रखे हुए थे। गवाह की मौजूदगी में इन साक्ष्यों का निरीक्षण किया गया और गवाही पूरी होने के बाद पैकेट को फिर से विधिवत सील कर दिया गया। इसे केस का अहम भौतिक साक्ष्य माना जा रहा है।
एक अन्य गवाह, डॉ. हरि ओम शर्मा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित रहे, लेकिन समयाभाव के कारण उनकी गवाही रिकॉर्ड नहीं हो सकी। अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई 19 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान आरोपित आशीष उर्फ बाबा, सचिन उर्फ सौरव और धर्मेंद्र को न्यायिक हिरासत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। वहीं, उत्पादन वारंट के तहत आरोपी अमित गुलिया को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया।
मामले में पहले ही कपिल सांगवान उर्फ नंदू, नकुल सांगवान, अतुल गुलिया और खुशप्रीत लाठर को अदालत ने अपराधी घोषित कर दिया है। सीबीआई ने अपनी जांच पूरी कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश राजीव गोयल ने आरोपपत्र के आधार पर सभी आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चलाने के आदेश दिए। यह हत्याकांड 25 फरवरी 2024 को बहादुरगढ़ के बराही रेलवे फाटक के पास हुई थी।
सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के बयान इस केस की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को निर्धारित की है।