Summer expres,सुंदरनगर | प्रदेश के सुंदरनगर में घरेलू गैस सिलेंडरों की गंभीर किल्लत ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंड के इस मौसम में लोग सुबह छह बजे से ही गैस गोदामों के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहते हैं, लेकिन सिलेंडर न मिलने के कारण कई उपभोक्ताओं को निराशा हाथ लगी। गुरुवार को भी सैकड़ों लोग घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौट गए। कई लोगों ने बताया कि वे 5 से 5 घंटे तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन अंत में उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
आर्थिक बोझ और वितरण व्यवस्था पर नाराजगी
स्थानीय लोगों का गुस्सा केवल गैस की कमी तक सीमित नहीं है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें सिलेंडर लेने के लिए ऑटो और अन्य वाहनों पर ₹400 तक खर्च करना पड़ रहा है, फिर भी सिलेंडर नहीं मिल रहे। कई उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसियों पर पक्षपात और मनमानी करने का आरोप लगाया। कुछ लोग तो यह तक बता रहे हैं कि बुकिंग और DSC नंबर होने के बावजूद उन्हें महीनों से सिलेंडर नहीं दिया गया।
कालाबाजारी की आशंका और प्रशासन की भूमिका
संकट के बीच गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की खबरें भी तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि जहां आम जनता लाइन में घंटों खड़ी है, वहीं कुछ बाजारों में सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं। प्रशासन हालांकि पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है।
आंदोलन की चेतावनी
परेशान उपभोक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सप्लाई सुचारू नहीं हुई और कालाबाजारी पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। महिलाएं और बुजुर्ग भी शिकायत कर रहे हैं कि रसोई का समय और बजट दोनों इस संकट के कारण बर्बाद हो रहे हैं।