Summer Express, तेहरान | मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। एक ओर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम लगभग समाप्त कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर तेहरान ने इज़राइल के प्रमुख शहर हाइफ़ा पर मिसाइल हमला कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह हमला इज़राइल के उत्तरी हिस्से में स्थित रणनीतिक बंदरगाह हाइफ़ा को निशाना बनाकर किया गया। यह घटना उस समय हुई जब ट्रंप सार्वजनिक संबोधन में ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने का दावा कर रहे थे।
हमले के बाद इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने पुष्टि की कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागी गई हैं। इज़राइल की वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की गई। साथ ही, होम फ्रंट कमांड ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और अगले निर्देश तक वहीं रहने की सलाह दी है।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा था कि अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त कार्रवाई के चलते पिछले एक महीने में ईरान को बड़ा सैन्य नुकसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना कमजोर हो चुकी है तथा उसकी सैन्य क्षमताएं काफी हद तक प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को सीमित किया गया है और उसके हथियार निर्माण ठिकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
हालांकि, हाइफ़ा पर हुए इस ताजा मिसाइल हमले ने ट्रंप के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि ईरान अभी भी जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम है और क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।
लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों ने पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अस्थिरता और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, जहां हालात किसी भी समय और अधिक गंभीर रूप ले सकते हैं।