Summer express,पानीपत। केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण टीम का हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों का दौरा अब अप्रैल के शुरुआती दिनों के बजाय 15 अप्रैल के बाद प्रस्तावित है। कार्यक्रम में हुए इस बदलाव से निकायों को अपनी तैयारियों और सर्टिफिकेशन संबंधी कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दिए हैं कि 5 अप्रैल तक सर्टिफिकेशन से जुड़ा पूरा कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। इसी डेटा और सर्टिफिकेशन के आधार पर केंद्रीय टीम शहरों में कचरा प्रबंधन, सीवरेज व्यवस्था और स्वच्छता की जमीनी स्थिति का आकलन करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह तीसरी बार है जब केंद्रीय टीम के दौरे की तारीखों में बदलाव किया गया है। इससे पहले दो बार दौरे की संभावना बनी थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया। अब 15 अप्रैल के बाद होने वाला यह दौरा शहरों की अंतिम रैंकिंग तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय टीम शहरों में पहुंचकर विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन करेगी, जिनमें कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट निष्पादन, ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) स्थिति और जल संरक्षण से जुड़े उपाय प्रमुख रूप से शामिल हैं। टीम यह जांच करेगी कि शहरों में 100 प्रतिशत कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, कचरा प्रोसेसिंग की व्यवस्था और सीवरेज सिस्टम कितनी प्रभावी तरीके से कार्य कर रहे हैं।
इसके अलावा, ओडीएफ+ और ओडीएफ++ मानकों के तहत किए गए प्रबंधों और जल को प्रदूषण से बचाने के लिए अपनाए गए उपायों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। स्वच्छता के लिए काम कर रही एजेंसियों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था भी जांच के दायरे में रहेगी।
हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि इस बार स्वच्छता के मोर्चे पर जमीनी स्तर पर बेहतर काम किया जा रहा है और एजेंसियों की निगरानी के लिए सख्त व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार हरियाणा के शहर राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग न केवल शहर की छवि को बेहतर बनाती है, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले निकायों को केंद्र सरकार से अतिरिक्त फंड और प्रोत्साहन भी मिलता है, जिससे शहरी विकास और निवेश के अवसर बढ़ते हैं।