Summer express, कुरुक्षेत्र। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अनाज मंडियों में गेहूं खरीद और उठान व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए ट्रांसपोर्टरों को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि टेंडर लेने के बाद यदि ट्रांसपोर्टर काम में लापरवाही बरतते हैं या घर बैठे रहते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कृषि मंत्री पिपली और थानेसर अनाज मंडी के दौरे पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने गेहूं खरीद प्रबंधन, गेट पास व्यवस्था और मंडियों में चल रही गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आढ़तियों, अधिकारियों और किसानों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर शिकायत नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर सीजन में अनाज के उठान को लेकर समस्याएं सामने आती हैं, जिसका मुख्य कारण कुछ ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही है। टेंडर लेने के बावजूद कई ट्रांसपोर्टर सक्रिय रूप से काम नहीं करते, जिससे अनाज का उठान प्रभावित होता है और मंडियों में जाम जैसी स्थिति बनती है। इस तरह की स्थिति को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि अनाज उठान के बाद संबंधित एजेंसी के पास पहुंचने पर 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जाता है, लेकिन उठान और ट्रांसपोर्ट की धीमी प्रक्रिया के कारण कई बार भुगतान में देरी होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे मंडी व्यवस्था में सहयोग करें और सरकार द्वारा लागू की जा रही गेट पास व बायोमेट्रिक जैसी व्यवस्थाओं का पालन करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार अनाज मंडियों को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए शुद्धिकरण की प्रक्रिया अपना रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।