Summer express, लखनऊ, उत्तर प्रदेश | लखनऊ के विकास नगर क्षेत्र में बुधवार को झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग ने दो मासूम बच्चों की जान ले ली और करीब 200 झोपड़ियों को राख में बदल दिया। इस हादसे ने दिहाड़ी मजदूरों और घरेलू कामगार परिवारों की पूरी बस्ती को बेघर कर दिया है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत एवं मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि घटना की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, मृत बच्चों की पहचान 2 वर्षीय श्रुति और उसकी दो माह की बहन के रूप में हुई है। दोनों के शव देर रात तलाशी अभियान के दौरान बरामद किए गए। हादसे के समय झुग्गी बस्ती में तेजी से फैली आग ने कई परिवारों को भागने तक का मौका नहीं दिया।
घटना विकास नगर थाना क्षेत्र में रिंग रोड के पास हुई, जहां बुधवार शाम अचानक आग भड़क उठी और कुछ ही समय में सैकड़ों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, आग से लगभग 200 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं, जिससे सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। अधिकतर प्रभावित परिवार दिहाड़ी मजदूरी और घरेलू कामकाज पर निर्भर थे।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मौके का दौरा कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं, जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच जारी है और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
प्रशासन ने पुष्टि की है कि मृत दोनों बच्चों के परिवार को 8 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। घटना के बाद इलाके में भयावह दृश्य देखने को मिला—जली हुई झोपड़ियां, राख में तब्दील सामान, टूटी साइकिलें और अधजले घरेलू सामान बिखरे पड़े थे। कई परिवार अपने जीवनभर की जमा-पूंजी को आग में खोने के बाद बेसहारा हो गए हैं।
एक पीड़ित महिला ने बताया कि उन्होंने सालों की मेहनत से घर का सामान जोड़ा था, जो इस आग में पूरी तरह खत्म हो गया। कई अन्य परिवारों ने भी अपने जीवन की बचत और जरूरी सामान खोने का दर्द साझा किया।
अधिकारियों का कहना है कि राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को अस्थायी आश्रय और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि पुनर्वास की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।
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