Summer express, राहुल चावला , धर्मशाला | नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत कांगड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बैकवर्ड इन्वेस्टिगेशन के जरिए अंतरराज्यीय हेरोइन (चिट्टा) तस्करी नेटवर्क के तीन प्रमुख आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) कांगड़ा अशोक रत्न ने दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव साहोता, हनी उर्फ सोमनाथ और हनी कुमार उर्फ ऋषि कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण में इनकी भूमिका पूरे नेटवर्क में अहम पाई गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हनी कुमार मुख्य सरगना अभिषेक साहोता को हेरोइन की आपूर्ति करने वाला प्रमुख सप्लायर था, जबकि गौरव साहोता और हनी उर्फ सोमनाथ नशे के कारोबार से अर्जित धनराशि के प्रबंधन और वित्तीय लेन-देन में सक्रिय थे।
एसपी अशोक रत्न ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईयू कांगड़ा की विशेष टीमों को पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया था। समन्वित कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क और उसके वित्तीय तंत्र को ध्वस्त करने की रणनीति के तहत की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय जांच के दौरान नशा तस्करी से अर्जित धन को अन्य माध्यमों में निवेश करने के संकेत मिले हैं। पुलिस अपराध से अर्जित संपत्ति, बैंक खातों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।

एसपी अशोक रत्न ने कहा कि पिछले तीन से चार महीनों में करीब 40 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। यह राशि विभिन्न बैंक खातों, लोकमित्र केंद्रों और क्यूआर स्कैनर के माध्यम से ट्रांसफर की गई है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में 17 कुख्यात तस्करों को डिटेंशन में लेकर धर्मशाला जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा 9 से 10 अन्य मामलों को सरकार के विचाराधीन भेजा गया है। पुलिस ने 25 ऐसे सप्लायरों की पहचान की है, जो जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा नशे के कारोबार में शामिल हो रहे थे। इनके खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस (PIT-NDPS) के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 75 लाख रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। अब तक जिले में 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
एसपी अशोक रत्न ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके बच्चे नशे के दलदल में फंस गए हैं तो वे इसे स्वीकार करें और पुलिस के साथ सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आज नशे का सेवन करने वाला युवा कल सप्लायर बनने की कोशिश कर सकता है, इसलिए समय रहते उसे नशे से बाहर निकालना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लोगों को नशे के संकेतों की पहचान भी होनी चाहिए। यदि घर में जला हुआ फॉयल पेपर, जली हुई चम्मच या रोल करके रखा गया नोट मिलता है, तो यह ड्रग्स सेवन का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में परिवारों को सतर्क रहने और पुलिस को जानकारी देने की जरूरत है।
पुलिस के अनुसार, थाना पालमपुर में अब तक तीन एफआईआर (57/2026, 59/2026 और 61/2026) दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों में 21 आरोपियों की गिरफ्तारी, 167.18 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), एक पिकअप वाहन और 18 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।