Summer express, चंबा , मंजूर पठान | हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश में बेहतर सड़क सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जिला चंबा के चुराह विधानसभा क्षेत्र की पंझेई और चीह पंचायत की तस्वीर आज भी विकास से कोसों दूर नजर आती है। आजादी के सात दशक बीत जाने के बावजूद इन पंचायतों के एक दर्जन से अधिक गांवों तक सड़क नहीं पहुंच पाई है, जिसके कारण करीब दो हजार से ज्यादा ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान नेता गांवों में पहुंचकर सड़क निर्माण के बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही ये वादे भी ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। लोगों का कहना है कि वर्षों से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस काम नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क सुविधा नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी बीमार और बुजुर्ग लोगों को होती है। यदि गांव में कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो जाए तो उसे पालकी या किरड़ के सहारे कई किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ता है। वहीं गांव में मकान बनाना भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि निर्माण सामग्री ढोने में भारी खर्च उठाना पड़ता है।
स्थानीय युवाओं ने कहा कि सड़क के अभाव में गांव के विकास की रफ्तार पूरी तरह थम गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। युवाओं ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द दोनों पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और उनका जीवन आसान हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई तो आने वाले समय में लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।