Summer express/हमीरपुर, अरविंद-:सुजानपुर नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सुजानपुर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, पुतला दहन किया और एसडीएम कार्यालय तक रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।भाजपा का आरोप है कि सरकार के दबाव में प्रशासन ने निर्धारित चुनाव प्रक्रिया का पालन नहीं किया और अवैध तरीके से अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन कर दिया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि निर्वाचित पार्षदों को गुमराह कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार किया गया।
अध्यक्ष पद की भाजपा प्रत्याशी एवं पार्षद मीनाक्षी महाजन ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वह अन्य पार्षदों के साथ चुनाव के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचीं तो वहां किसी प्रकार की मतदान प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से एसडीएम को एक आवेदन भी दिया गया था, जिसमें चुनाव के दौरान सभी पार्षदों के मोबाइल फोन बाहर जमा करवाने की मांग की गई थी ताकि निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके।मीनाक्षी महाजन के अनुसार, एसडीएम ने उस समय कहा था कि अभी चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। बाद में अधिकारियों ने दो समूहों के नाम लेकर पूछा कि कौन किस पक्ष में है और समर्थन जताने के लिए हाथ खड़े करने को कहा गया। कुछ देर बाद एक दस्तावेज लाकर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। जब उन्होंने मतदान प्रक्रिया के बारे में सवाल उठाया तो उन्हें बताया गया कि हाथ खड़े कर समर्थन जताना ही चुनाव प्रक्रिया थी और इसी आधार पर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन कर लिया गया है।उन्होंने कहा कि हाथ उठाकर चुनाव करवाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है। मतदान गोपनीय होना चाहिए और किसे वोट देना है, यह प्रत्येक निर्वाचित प्रतिनिधि का व्यक्तिगत अधिकार है। उनका आरोप है कि पार्षदों के इस अधिकार को छीन लिया गया। प्रशासन की ओर से यह तर्क दिया गया कि क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए ऐसा किया गया, लेकिन यह पूरी तरह अनुचित है।
मीनाक्षी महाजन ने सवाल उठाया कि यदि क्रॉस वोटिंग की संभावना थी तो इसकी जानकारी पहले से प्रशासन को कैसे थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई पार्षद अपनी इच्छा से मतदान करता है तो उसे रोकना प्रशासन का अधिकार नहीं है। उन्होंने पूरे चुनाव को रद्द कर दोबारा निष्पक्ष मतदान करवाने की मांग की।वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने भी चुनाव प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर चयन लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हुआ। न तो मतदान कराया गया और न ही निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी दिए और बिना वोटिंग करवाए केवल हाथ खड़े करवाकर चुनाव संपन्न घोषित कर दिया गया।
राजेंद्र राणा ने दावा किया कि नगर परिषद में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत था। उनके अनुसार भाजपा के तीन पार्षद थे और एक निर्दलीय पार्षद भी भाजपा के समर्थन में था, जबकि कांग्रेस के पास केवल दो पार्षद थे। ऐसे में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनना कई सवाल खड़े करता है।उन्होंने मांग की कि पूरे चुनाव को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही चुनाव प्रक्रिया का संचालन करने वाले संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। राणा ने बताया कि इस मामले को लेकर उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजा जा रहा है।
पूर्व विधायक ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बौखलाहट में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हमीरपुर में जिला परिषद और बीडीसी चुनाव अब तक क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार इन चुनावों को लेकर भी कोई नया राजनीतिक षड्यंत्र रचने की तैयारी में है।भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और दोबारा चुनाव नहीं करवाए गए तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। सुजानपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति और गरमा सकती है।