नई दिल्ली/जम्मू। दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक यात्रा को लेकर गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं का काफिला बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों के लिए रवाना हुआ, जहां से शुक्रवार 3 जुलाई से पवित्र गुफा की ओर पैदल यात्रा शुरू होगी। यात्रा इस वर्ष 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त (रक्षाबंधन) को संपन्न होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार केवल पूर्व-पंजीकृत (रजिस्टर्ड) श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण के साथ अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र आवश्यक है। जम्मू में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र भी खोले गए हैं, लेकिन बिना वैध पंजीकरण और जरूरी दस्तावेजों के किसी को यात्रा मार्ग पर प्रवेश नहीं दिया जा रहा। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है, जबकि यात्री वाहनों के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।
श्रद्धालुओं की पहचान और आवाजाही की निगरानी के लिए क्यूआर-कोड आधारित व्यवस्था भी लागू की गई है। इस बार यात्रा क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।