Summer express/शिमला/संजू -:जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क के मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि बैकवर्ड लिंकेज की रणनीति अपनाकर केवल तस्करों ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ASP सिटी मेहर पंवार ने बताया कि इस कार्रवाई से हिमाचल में सक्रिय अंतर्राज्यीय नशा तस्करी गिरोहों को बड़ा झटका लगा है।
पहला मामला पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज
एफआईआर संख्या 87/2026 से जुड़ा है। 15 जुलाई को स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के एक होटल में छापेमारी कर लुधियाना निवासी सागर सिंह, आकाश और अंकित कुमार को गिरफ्तार किया था। तीनों के कब्जे से करीब 21 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। जांच के दौरान मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन के विश्लेषण से पता चला कि यह हेरोइन लुधियाना निवासी साहिल शर्मा से खरीदी गई थी। तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने 18 जुलाई को लुधियाना पहुंचकर साहिल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में उसके खिलाफ पहले से दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी भी सामने आई है।
दूसरा मामला पुलिस थाना चिड़गांव में दर्ज एफआईआर संख्या 68/2026 का है। 20 जुलाई को नाकाबंदी के दौरान अमृतसर निवासी मनिन्दर सिंह के कब्जे से 16 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने यह नशीला पदार्थ अमृतसर निवासी सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल से खरीदा था। इसके बाद पुलिस टीम अमृतसर पहुंची और तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल तथा मोबाइल फोन की जांच के आधार पर सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल को गिरफ्तार कर लिया।
ASP सिटी मेहर पंवार ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और केरल समेत विभिन्न राज्यों से 59 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर 75 अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए हैं। उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस का उद्देश्य केवल नशा बरामद करना नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को खत्म कर युवाओं को नशे के जाल से बचाना है।