सागर पाहवा | मोहाली
समर न्यूज
पुल बैरियर के सामने सड़क किनारे लगा कूड़े का ढेर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। खरड़, फेज-6 और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाले इस मार्ग से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद मुख्य सड़क के सामने खुले में कूड़ा पड़ा होने से सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यहां कूड़ा जमा होने के कारण राहगीरों को दुर्गंध और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
मक्खियों के मंडराने से बढ़ी चिंता: कूड़े के ढेर पर दिनभर मक्खियां मंडराती रहती हैं। आसपास से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि मक्खियां गंदगी से निकलकर खाने-पीने की चीजों और घरों तक पहुंच सकती हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर लोगों में चिंता है। बारिश के दौरान कूड़े के सड़ने से स्थिति और खराब होने की आशंका रहती है।
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से लोगों को स्वच्छता और बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है तथा घर-घर जाकर अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर व्यस्त मार्ग के सामने ही कूड़े का ढेर पड़ा होना इन प्रयासों पर सवाल खड़े करता है।
पहले भी हुआ था धरना-प्रदर्शन: सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले इसी स्थान पर कूड़े का ढेर जमा होने के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों की ओर से धरना-प्रदर्शन भी किया गया था। इस दौरान लोगों ने कूड़े की समस्या को लेकर रोष जताते हुए संबंधित विभाग से तत्काल सफाई करवाने की मांग की थी। इसके बावजूद यदि दोबारा उसी स्थान पर कूड़े का ढेर दिखाई दे रहा है तो इससे साफ है कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
आबादी बढ़ी, लेकिन कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था सवालों में
बलौंगी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार आबादी बढ़ रही है। बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मुख्य सड़क के किनारे कूड़ा जमा होना न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी है, बल्कि यहां से गुजरने वाले बाहरी लोगों के सामने भी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था की तस्वीर पेश करता है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि ब्लॉंगी पुल बैरियर के सामने पड़े कूड़े को तत्काल उठाया जाए। साथ ही वहां नियमित सफाई की व्यवस्था करने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि दोबारा उसी स्थान पर कूड़ा न डाला जाए। अब देखना यह है कि पहले हुए धरना-प्रदर्शन और लगातार सामने आ रही समस्या के बाद प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है।