summer express, पटना। भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्र संगठनों और बिहार सरकार के बीच बातचीत के बावजूद प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र एक बार फिर पटना की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। इससे राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जेपी गोलंबर पर लगी बैरिकेडिंग तोड़ दी। वहीं गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर भी विभिन्न छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
छात्र संगठनों की मांगों को लेकर सरकार और छात्र नेताओं के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में कुछ मांगों पर सहमति बनी, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दे अब भी लंबित हैं। इनमें TRE-4 परीक्षा से नेगेटिव मार्किंग खत्म करना और परीक्षा को एक ही टेस्ट के रूप में आयोजित करना प्रमुख मांगें हैं।
छात्र संगठनों ने ‘एक उम्मीदवार, एक परिणाम’ नीति लागू करने की भी मांग उठाई है। इन प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद संगठनों ने मंगलवार को प्रस्तावित मार्च जारी रखने का फैसला किया।
प्रदर्शन को देखते हुए पटना के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वॉटर कैनन से लैस टीमें भी तैयार रखी गई हैं। पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और यातायात व कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।