summer express , लुधियाना। पंजाब में मंगलवार को मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गईं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा और दिनभर तेज धूप के साथ उमस ने लोगों को परेशान किया। हालांकि चंडीगढ़, लुधियाना और रूपनगर में बारिश दर्ज की गई। चंडीगढ़ में सबसे अधिक 58.3 मिलीमीटर, लुधियाना में 38.4 मिलीमीटर और रूपनगर में 12.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
लुधियाना में सुबह करीब साढ़े 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे के बीच बारिश हुई। बारिश के दौरान मौसम कुछ समय के लिए सुहावना हुआ, लेकिन इसके बाद धूप निकलने से वातावरण में उमस बढ़ गई। इससे लोगों को गर्मी और चिपचिपाहट का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को पंजाब के कुछ जिलों में हल्की से सामान्य बारिश होने की संभावना है। हालांकि राज्य में फिलहाल व्यापक स्तर पर तेज बारिश की स्थिति नहीं बन रही है।
संगरूर में तेज बारिश से राहत, कई इलाकों में जलभराव
संगरूर में मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे इस मानसून सीजन की पहली तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे की बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी। बारिश के बाद ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को संगरूर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
हालांकि तेज बारिश के कारण शहर के कई बाजारों और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। बस स्टैंड, नाभा गेट, सुनामी गेट, एक्सचेंज रोड, क्लब रोड और धूरी गेट सहित आसपास के बाजारों व गलियों में पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण राहगीरों और दुकानदारों को काफी परेशानी हुई। कई लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने शहर की खराब जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।
बारिश से किसानों को मिली राहत
संगरूर में हुई बारिश को किसानों ने राहत देने वाली बताया है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल में पत्ता लपेट सुंडी समेत अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ रहा था। इससे बचाव के लिए किसान कीटनाशकों का इस्तेमाल कर रहे थे।
किसानों के अनुसार बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ने से कीटों का प्रकोप कम होने की उम्मीद है। धान के साथ सब्जियों और फलों की फसलों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि पर्याप्त बारिश होती है तो फसलों को और लाभ मिल सकता है।
कुल मिलाकर पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर नजर आ रही हैं। कुछ जिलों में बारिश से राहत मिली है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में धूप और उमस का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर किसानों और आम लोगों की नजर बनी हुई है।