Summer express, फरीदाबाद। धौज स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रसव के लिए पहुंची एक गर्भवती महिला की स्वास्थ्य केंद्र के गेट के सामने ही डिलीवरी हो गई। बताया जा रहा है कि जिस समय महिला को परिजन स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, उस दौरान मौके पर कोई डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी या अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। ऐसे में परिजनों और ग्रामीण महिलाओं ने ही प्रसव कराने की जिम्मेदारी संभाली।
परिजनों का आरोप है कि समय पर स्वास्थ्यकर्मियों की मदद नहीं मिलने के कारण उन्हें खुद ही स्थिति संभालनी पड़ी। इस घटना को लेकर परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। हालांकि, मामले को लेकर अभी तक स्वास्थ्य विभाग के पास कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। घटना सामने आने के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
फरीदाबाद के सेक्टर-3 स्थित प्रजनन एवं स्वास्थ्य केंद्र में भी कुछ महीने पहले इसी तरह की घटना सामने आई थी। उस समय गर्भवती महिला को परिजन स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे, लेकिन केंद्र का गेट अंदर से बंद था और परिसर में अंधेरा था। परिजन काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रहे, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। आखिरकार परिजनों ने टॉर्च की रोशनी में ही महिला का प्रसव कराया था।
इस मामले में परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में शिकायत दी थी। जांच के बाद अनुबंध के तहत कार्यरत एक कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। हालांकि, कर्मचारी यूनियन के हस्तक्षेप और संबंधित कर्मचारी की ओर से माफी मांगने के बाद उसकी सेवाएं दोबारा बहाल कर दी गई थीं।
लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
धौज स्वास्थ्य केंद्र की घटना को लेकर सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के उपचार और प्रसव के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने धौज स्वास्थ्य केंद्र में गेट के सामने प्रसव होने के मामले में केंद्र प्रभारी डॉ. राजेश से जवाब मांगा है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि घटना के समय स्वास्थ्य केंद्र में क्या स्थिति थी और किन कारणों से गर्भवती महिला को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो सकीं। विभाग ने संबंधित कमियों और लापरवाही को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।