Summer express ,सिरसा। ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव कुत्ताबढ़ के रहने वाले भारतीय सेना के 30 वर्षीय जवान सुखचैन सिंह जम्मू-कश्मीर के राजौरी में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। देश की रक्षा करते हुए जवान के सर्वोच्च बलिदान की खबर मिलते ही गांव कुत्ताबढ़ समेत पूरे सिरसा जिले में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, क्षेत्रवासियों ने शहीद की वीरता और देशसेवा पर गर्व जताया है।
सुखचैन सिंह भारतीय सेना में तैनात थे और राजौरी में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी शहादत की सूचना मिलते ही परिवार और ग्रामीणों में गम का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग शहीद के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
शहीद सुखचैन सिंह का पार्थिव शरीर को राजौरी से सिरसा एयरपोर्ट लाया जाएगा। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव कुत्ताबढ़ ले जाया जाएगा। गांव में दोपहर करीब दो बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहीद की अंतिम यात्रा में ग्रामीणों के अलावा जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। गांव कुत्ताबढ़ अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटा है। सुखचैन सिंह का देश की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान क्षेत्रवासियों के लिए हमेशा गर्व और प्रेरणा का विषय रहेगा।