Summer express , पानीपत। नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब हरियाणा की उद्योग नगरी पानीपत के टेक्सटाइल कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। नेपाल में हालात पूरी तरह सामान्य न होने के कारण पानीपत से वहां भेजे जाने वाले कंबल, तौलिया, बेडशीट, दरी, कालीन, थ्रो और ऊनी फ्लोर कवरिंग उत्पादों के नए ऑर्डर फिलहाल रुक गए हैं। इससे स्थानीय टेक्सटाइल उद्योग और निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है।
पानीपत का नेपाल के साथ करीब 450 करोड़ रुपये का टेक्सटाइल कारोबार जुड़ा हुआ है। शहर की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में तैयार होने वाले कंबल, थ्रो, तौलिया, बेडशीट, दरी और कालीन नेपाल के बाजारों में बड़े स्तर पर भेजे जाते हैं। इन उत्पादों का उपयोग होटल, होम फर्निशिंग और घरेलू जरूरतों के लिए किया जाता है।
उद्योग से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, नेपाल में बाढ़ के बाद सड़क और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके चलते पहले से तैयार माल की आपूर्ति भी प्रभावित हुई और कुछ खेप अभी पानीपत में ही रुकी हुई हैं। दूसरी ओर, नेपाल में हालात पूरी तरह सामान्य न होने के कारण वहां के व्यापारी नए ऑर्डर देने में भी सावधानी बरत रहे हैं। इसका सीधा असर पानीपत के टेक्सटाइल कारोबार और उत्पादन इकाइयों पर पड़ रहा है।
कारोबारियों को उम्मीद थी कि सर्दियों का मौसम नजदीक आने के साथ सितंबर से नेपाल से गर्म उत्पादों की मांग बढ़ेगी। खासकर कंबल, थ्रो और अन्य ऊनी सामान के नए ऑर्डर मिलने की संभावना थी। उद्योगपति नितिन अरोड़ा के अनुसार, नेपाल में सितंबर से सर्दियों के सीजन के लिए नए और अलग-अलग प्रकार के गर्म टेक्सटाइल उत्पादों की मांग बढ़ने लगती है।
उन्होंने बताया कि नेपाल में पर्यटन गतिविधियों और ठंड के मौसम के दौरान कंबल, तौलिया और अन्य होम फर्निशिंग उत्पादों की अच्छी मांग रहती है। हालांकि बाढ़ के कारण कारोबार को फिलहाल झटका लगा है, लेकिन उद्योग जगत को उम्मीद है कि जैसे-जैसे नेपाल में हालात सामान्य होंगे और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बहाल होगी, वैसे ही पानीपत के टेक्सटाइल उत्पादों के नए ऑर्डर भी फिर से मिलने शुरू हो जाएंगे।