Summer express ,रोहतक। हर्ष एनकाउंटर मामले को लेकर आंदोलन कर रही अखिल रोड महासभा ने सरकार को एक सप्ताह का समय दिया है। महासभा ने चेतावनी दी है कि तय अवधि में लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। समाज की तीन प्रमुख मांगों में से विधायक की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग पूरी होने का दावा किया गया है, जबकि एनकाउंटर में शामिल अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई और मामले की जांच सिटिंग जज या सीबीआई से कराने की मांग अभी लंबित है।
अखिल रोड महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने कहा कि हर्ष एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई अथवा सिटिंग जज से कराने की मांग को लेकर राज्यपाल और राष्ट्रपति को भी अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार को एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद कार्यकारिणी की बैठक में आगे के आंदोलन को लेकर फैसला लिया जाएगा।
बलकार सिंह के अनुसार, समाज ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें संबंधित विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग शामिल थी। उनका कहना है कि विधायक ने पहले केवल खेद जताया था, जिसे समाज ने पर्याप्त नहीं माना। बाद में मीडिया के सामने सार्वजनिक माफी मांगी गई, जिसके बाद इस मांग को पूरा माना गया। अब एनकाउंटर में शामिल अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की जांच सिटिंग जज या सीबीआई से कराने की मांग बाकी है।
महासभा ने विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गई प्राथमिकी का मुद्दा भी उठाया है। समाज के नेताओं का आरोप है कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। बलकार सिंह ने आशंका जताई कि किसी साजिश के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई हो सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रोड महासभा ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में आंदोलन की जरूरत पड़ी तो नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन करने से बचा जाएगा। बलकार सिंह ने कहा कि समाज ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता, जिससे आम लोगों को परेशानी हो। आगे के आंदोलन के लिए अन्य स्थानों और शांतिपूर्ण तरीकों पर विचार किया जाएगा।
समाज के भीतर कार्यकारिणी की कार्यशैली को लेकर उठ रही असहमति पर बलकार सिंह ने कहा कि जो लोग कार्यकारिणी से संतुष्ट नहीं हैं, वे सामने आकर अपने सुझाव दें और समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि उचित सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी व्यक्ति को उनसे व्यक्तिगत शिकायत है तो वह सीधे उनसे अपनी बात रख सकता है।