Summer express/शिमला-: शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दूधालटी में रविवार को ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ को लेकर विशेष संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया और ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ का शुभारंभ 2 अक्टूबर को प्रस्तावित है। टूटू विकास खंड में इस योजना के तहत करीब 782 परिवारों का चयन किया गया है, जबकि वर्तमान चरण में पात्र परिवार 20 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र परिवारों के पंजीकरण में तेजी लाई जाए और लोगों को योजनाओं के लिए निर्धारित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में विभागों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों को आवेदन से लेकर लाभ प्राप्त करने तक आवश्यक सहयोग दें।
मंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश और केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को आपस में जोड़कर जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों, पेंशनधारकों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को उनकी आवश्यकता के अनुसार योजनाओं से जोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि योजना को लोगों के सुझावों के आधार पर और बेहतर बनाने का प्रयास जारी है। विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 900 करोड़ रुपये के विकास कार्य विभिन्न स्तरों पर चल रहे हैं।
ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने सड़क, पेयजल, विकास कार्यों सहित विभिन्न जनसमस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकार की योजनाओं और उनके लाभों के बारे में जानकारी दी। खंड विकास अधिकारी टूटू बृजेश पाठक, तहसील कल्याण अधिकारी सतीश शर्मा, पशुपालन विभाग की वेटनरी ऑफिसर डॉ. नेहा सूद, कृषि विकास अधिकारी कांता शर्मा, महिला एवं बाल कल्याण विभाग की सुपरवाइजर नीलम शर्मा, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक दीपक दत्याल, हॉर्टिकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर डीपी शर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता पूनम चंद्रिका ने विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की।
सर्वे में सामने आए करीब दो लाख जरूरतमंद परिवार
सरकार की ओर से जरूरतमंद परिवारों की पहचान के लिए व्यापक सर्वेक्षण करवाया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आठ चरणों में किए गए सर्वेक्षण के बाद प्रदेश में करीब दो लाख अति निर्धन एवं जरूरतमंद परिवार चिन्हित किए गए हैं। इनमें लगभग 85 से 90 हजार परिवार ऐसे बताए गए हैं, जो अब तक बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं या किसी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं ले सके हैं।
जरूरत के आधार पर परिवारों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा
योजना का फोकस केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार की वास्तविक जरूरत का आकलन कर उसके लिए उपयुक्त सरकारी योजना उपलब्ध करवाना है। इसके लिए जिला प्रशासन को परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में चयनित परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए विशेष तंत्र के माध्यम से काम करना है।
योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति माह 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली और पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान बताया गया है। पक्के मकान से वंचित पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया पर जोर
सरकार ने पात्र परिवारों के चयन के लिए जिला, उपमंडल और विकास खंड स्तर पर प्रक्रिया निर्धारित की है। इसमें उपायुक्त, एसडीएम और बीडीओ की भूमिका तय की गई है। वर्तमान चरण में ऐसे परिवारों को भी आवेदन का अवसर दिया जा रहा है, जिनमें 27 वर्ष से कम आयु का बेसहारा व्यक्ति, 59 वर्ष से अधिक आयु का वृद्धजन, विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला अथवा 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाला परिवार का मुखिया हो।
वर्तमान चरण के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा 75
हजार रुपये निर्धारित बताई गई है। पात्र परिवार ग्राम पंचायत, विकास खंड कार्यालय अथवा एसडीएम (सिविल) कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन, सत्यापन और अनुशंसा की प्रक्रिया 20 सितंबर 2026 तक पूरी की जानी है।मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र और जरूरतमंद परिवार कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज को मिलकर काम करना होगा।